Ajmer : दरगाह मामले में एडवोकेट काशिफ ज़ुबैरी बोले, सस्ती लोकप्रियता के लिए किया दावा, हम भी पेश करेंगे किताब

Ajmer : दरगाह मामले में एडवोकेट काशिफ ज़ुबैरी बोले, सस्ती लोकप्रियता के लिए किया दावा, हम भी पेश करेंगे किताब

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हाईकोर्ट के एडवोकेट काशिफ ज़ुबैरी

विस्तार


अजमेर दरगाह में मंदिर होने को लेकर दायर याचिका के मामले में हाईकोर्ट के एडवोकेट काशिफ ज़ुबैरी ने कहा कि ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह हजारों साल पुरानी है और इसे लेकर हम एक किताब पेश करेंगे, जो इस ऐतिहासिक स्थल के बारे में तथ्यों को स्पष्ट करेगी। विष्णु गुप्ता का यह दावा सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए किया गया है।

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काशिफ ज़ुबैरी ने एक प्रेस वार्ता में दरगाह के इतिहास से जुड़े दस्तावेजों को मीडिया के सामने रखा। उन्होंने बताया कि विष्णु गुप्ता का दावा देश में विवाद और तनाव पैदा करने के उद्देश्य से किया गया है। उनका कहना था कि गुप्ता ने अपने बयान में खुद को खतरे में बताया है लेकिन यह केवल सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए किया गया प्रयास है।

काशिफ ज़ुबैरी ने अजमेर कोर्ट में एक याचिका भी दाखिल की, जिसमें उन्होंने कहा कि वे इस मामले में एक हितकारी व्यक्ति के रूप में पार्टी बनना चाहते हैं। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट से अपील की गई थी कि सुनवाई शनिवार को हो और इसी को देखते हुए कोर्ट ने अगली तारीख 1 मार्च तय की है।

जुबैरी ने बताया कि वे न्यायालय को यह बताएंगे कि गुप्ता का दावा झूठा और राजनीतिक लाभ प्राप्त करने के लिए किया गया है। इस दौरान उनके साथ एडवोकेट रईस अहमद (टोंक), दानिश जेहन, आतिफ देशवाली और मुजाहिद भी मौजूद थे।

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