Yoga Championship: सहरसा की बेटी साक्षी का कमाल, योगासन चैंपियनशिप में जीता सिल्वर मेडल, पूरे जिले में खुशी का माहौल

Yoga Championship: सहरसा की बेटी साक्षी का कमाल, योगासन चैंपियनशिप में जीता सिल्वर मेडल, पूरे जिले में खुशी का माहौल

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एजेंसी:News18 Bihar

आखरी अपडेट:11 फरवरी, 2025, 19:34 IST

Yoga Championship: अल्मोड़ा उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेल के योगासन चैंपियनशिप में बिहार को पहला रजत पदक  दिलाकर मिथला की बेटी साक्षी गुप्ता ने बिहार का मान बढ़ाया है. उनकी इस सफलता पर पूरे जिले में …और पढ़ें

राष्ट्रीयखेल योगासन चैंपियनशिप में बिहार को पहला रजत पदक देने वाली सहरसा की बेटी

हाइलाइट्स

  • साक्षी गुप्ता ने योगासन चैंपियनशिप में जीता रजत पदक
  • सहरसा जिले में साक्षी की सफलता पर खुशी का माहौल
  • साक्षी ने बिहार को पहला रजत पदक दिलाया

सहरसा. सहरसा की बेटी साक्षी गुप्ता ने एक बार फिर पूरे बिहार और देश का मान बढ़ाया है. साक्षी ने योगासन में बिहार को पहला रजत पदक दिलाया है, जिससे जिले में खुशी का माहौल है और सभी उन्हें बधाई दे रहे हैं. अल्मोड़ा, उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेल के योगासन चैंपियनशिप में साक्षी ने यह उपलब्धि हासिल की है.

इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड 2024 की रह चुकी हैं विजेता
आर्टिस्टिक योगा स्पर्धा में सहरसा जिले के सेवानिवृत्त बिहार परिचारी आयोग सीनियर क्लर्क नागेंद्र प्रसाद गुप्ता की पोती साक्षी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता है. इससे पहले भी साक्षी ने राज्य स्तरीय योगासन प्रतियोगिता में उच्च स्थान प्राप्त किया था और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड 2024 की विजेता रह चुकी हैं.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी करे भारत का नाम रोशन
साक्षी मध्यमवर्गीय परिवार से हैं और सराही वार्ड नंबर 40/5 की रहने वाली हैं. उनके पिता गोपाल प्रसाद गुप्ता छोटे व्यवसाय करते हैं. उन्होंने बताया कि साक्षी बचपन से ही पढ़ाई के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करती आई हैं. साक्षी की इस उपलब्धि पर परिवार ने मिठाई बांटकर एक-दूसरे को बधाई दी. दादा नागेंद्र प्रसाद गुप्ता ने कहा कि साक्षी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक जीता है और वे चाहते हैं कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मुकाबला कर भारत का नाम रोशन करें.

पूरे जिले में खुशी का माहौल
साक्षी की इस कामयाबी पर पूरे जिले में खुशी का माहौल है और कम उम्र में ही उन्होंने यह बड़ी उपलब्धि हासिल की है. इससे सहरसा जैसे ग्रामीण अंचल जैसे क्षेत्र में भी खेलों के प्रति लोगों में काफी जागरूकता हो रही है. लोग अब खेल को भी एक कैरियर के तौर पर अपनाकर इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए पुरजोर कोशिश कर रहे हैं. लोगों को खेल के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं दिख रही हैं. कम उम्र में इतनी बड़ी सफलता हासिल करने के कारण साक्षी युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन चुकी हैं.

होमस्पोर्ट्स

सहरसा की बेटी राष्ट्रीय योग चैंपियनशिप में बनी चैंपियन, जीता सिल्वर मेडल

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