TMC टूटने की कगार पर? ममता बनर्जी ने खेला पहला दांव, अभिषेक के करीबी को निकाला

TMC टूटने की कगार पर? ममता बनर्जी ने खेला पहला दांव, अभिषेक के करीबी को निकाला

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आखरी अपडेट:11 जनवरी, 2025, 05:41 IST

Mamata Banerjee News: ममता बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाने वाले शांतनु सेन टीएमसी से बाहर का रास्ता दिखाकर अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं. इससे साफ संदेश दिया गया है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी,.

भतीजे अभिषेक बनर्जी के साथ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी. (पीटीआई)

कोलकाता. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आखिरकार अपनी चाल चल दी. उन्होंने उस कागज पर साइन कर दिए, जिसमें पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व राज्यसभा सांसद शांतनु सेन को पार्टी से निकालने को कहा गया था. शांतनु के साथ ही पूर्व विधायक अराबुल इस्लाम को भी बाहर का रास्ता दिखाया गया है. पार्टी के उपाध्यक्ष जयप्रकाश मजूमदार ने शुक्रवार को बताया कि दोनों नेताओं कोकथित तौर पर पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए निलंबित किया गया है.

हालांकि, यह बात किसी से छुपी नहीं है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी के बीच अंदर ही अंदर खींचतान चल रही है. पेशे से डॉक्टर और टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के भरोसेमंद माने जाने वाले सेन के निलंबन से अब इस बात पर मुहर भी लग गई. पिछले कुछ दिनों में दोनों गुटों के नेताओं की बयानबाजी खुलकर सामने आई थी. ऐसे में सेन को पार्टी से बाहर निकालकर ममता ने भतीजे अभिषेक को साफ संदेश दे दिया है कि पार्टी में सिर्फ एक ही बॉस है.

पार्टी में पिछले दिनों जिस तरह से बयानबाजी चल रही थी, ममता बनर्जी की इस कार्रवाई के बाद उसपर लगाम लगने की संभावना है. जिस तरह से पार्टी ने अपने दो नेताओं को निलंबित किया है, उससे साफ जाहिर है कि ममता बनर्जी पार्टी में अनुशासन को लेकर कितनी गंभीर हैं. ऐसे में अब अभिषेक बनर्जी गुट के नेताओं को काफी सावधान रहने की जरूरत है. कहीं ऐसा ना हो कि अगला नंबर उन्हीं में से किसी का हो.

सेन ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और उसकी हत्या की जांच के लिए पुलिस की आलोचना की थी. पत्रकारों से बात करते हुए सेन ने कहा कि उन्हें निलंबन के बारे में पार्टी से अभी तक कोई सूचना नहीं मिली है. उन्होंने कहा, “मुझे वास्तव में, निलंबित किए जाने का कारण नहीं पता. मुझे अभी तक पार्टी से इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है. मुझे निलंबन के लिए कोई उचित कारण नहीं मिला. मैं पार्टी का एक वफादार सिपाही रहा हूं. मैं दूसरों की तरह पार्टी बदलने वाला नहीं हूं और उस मुश्किल समय में पार्टी के साथ खड़ा रहा हूं, जब दूसरे लोग पार्टी से दूर भाग रहे थे.”

आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में अनियमितताओं तथा उसके तत्कालीन प्राचार्य संदीप घोष के खिलाफ आवाज उठाने पर अगस्त माह में सेन को पार्टी प्रवक्ता के पद से हटा दिया गया था. दूसरी तरफ, कोलकाता के बाहरी इलाके भांगोर के रहने वाले इस्लाम का पार्टी विधायक सौकत मुल्ला के साथ टकराव अक्सर शीर्ष नेतृत्व के लिए शर्मिंदगी का कारण बनता रहा है. इस मामले में टिप्पणी के लिए इस्लाम से संपर्क नहीं हो पाया.

निलंबन की कार्रवाई 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी में अनुशासन बनाये रखने के टीएमसी नेतृत्व के प्रयास का संकेत है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नवंबर में कई अनुशासन समितियों का गठन किया था और पार्टी नेताओं को विभिन्न मुद्दों पर पार्टी की नीतियों के खिलाफ जाने को लेकर आगाह किया था.

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