The best discounts this week
Every week you can find the best discounts here.
Pro-Ethic Style Developer Men’s Silk Kurta Pajama Set Wedding & Festive Indian Ethnic Wear (A-101)
Uri and MacKenzie Men’s Silk Blend Kurta Pyjama with Stylish Embroidered Ethnic Jacket
Rozhub Naturals Aloe Vera & Basil Handmade Soaps, 100 Gm (Pack Of 4)
Titan Ladies Neo-Ii Analog Rose Gold Dial Women’s Watch-NL2480KM01
BINSBARRY Humidifier for Room Moisture, Aroma Diffuser for Home, Mist Maker, Cool Mist Humidifier, Small Quiet Air Humidifier, Ultrasonic Essential Oil Diffuser Electric (Multicolour)
Fashion2wear Women’s Georgette Floral Digital Print Short Sleeve Full-Length Fit & Flare Long Gown Dress for Girls (LN-X9TQ-MN1D)
National Pumpkin Day: कद्दू का हैलोवीन और तेरहवीं से क्या कनेक्शन है? क्यों इसे बम कहा गया?
[ad_1]
विदेशों में कद्दू ठंड के मौसम का प्रतीक है. जैसे ही वहां ऑटम यानी शरद ऋतु दस्तक देती है, लोग अपने घरों में कद्दू को हैलोवीन के लिए सजाने लगते हैं. इस बार 31 अक्टूबर को हैलोवीन है. इस दिन लोग अपने पूर्वजों को याद करते हैं और कद्दू को अजीबोगरीब आकार में काटकर घर के बाहर सजाते हैं. दरअसल विदेशों में मान्यता है कि कद्दू बुरी आत्माओं और बुरी नजर से बचाता है. कद्दू में कई गुण होते हैं. इससे केवल सब्जी ही नहीं, बल्कि केक, सूप, कुकीज, पैनकेक समेत कई चीजें बनती हैं. हर साल 26 अक्टूबर को ‘राष्ट्रीय कद्दू दिवस‘ मनाया जाता है.
कद्दू सब्जी नहीं है
कई लोग कद्दू को सब्जी समझते हैं लेकिन यह एक फल है. वैज्ञानिक इसे खीरा, ककड़ी, खरबूजा और तरबूज के खानदान का मानते हैं. कद्दू को पंपकिन कहा जाता है. यह शब्द ग्रीक भाषा के ‘peopon’ से बना जिसका मतलब हैं बड़ा तरबूज. यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के अनुसार कद्दू 9 हजार साल पहले उत्तरी अमेरिका में पाया गया था. लेकिन मैक्सिको में इसके 7500 साल पुराने बीज मिले. इसे लोग विंटर स्क्वैश के तौर पर पीते थे. इसकी 45 से ज्यादा वैरायटी है और कद्दू में 92% पानी होता है. भारत में कद्दू व्यापारियों के जरिए पहुंचा.
महिलाएं कद्दू नहीं काटती?
हिंदू धर्म में कद्दू को शुभ फल माना जाता है लेकिन इसे महिलाएं नहीं काटतीं. पंडित उमेश शर्मा कहते हैं कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कद्दू को बड़ा बेटा माना जाता है और अगर महिला इसे काटे तो यह बेटे की बलि मानी जाती है. दरअसल सनातन धर्म में कद्दू से देवी की बलि भी चढ़ाई जाती है. कद्दू के बिना हर पर्व अधूरा है. हर धार्मिक अनुष्ठान और मृत्यु भोज में कद्दू का अलग महत्व है. इस मौके पर हरा नहीं बल्कि पीले रंग का कद्दू बनता है. कहते हैं कि इसे पकाने से पितर खुश रहते हैं.
अमेरिका के इलिनोइस राज्य को पंपकिन कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड कहा जाता है (Image-Canva)
कद्दू के बीज से लेकर फूल तक फायदेमंद
कद्दू विटामिन ए, ई, सी, मैगनीज, पोटेशियम, फाइबर और मिनरल्स से भरपूर होता है. डाइटिशियन सतनाम कौर के अनुसार कद्दू का फल, फूल, बीज हर चीज सेहत के लिए फायदेमंद है. कद्दू के बीज इम्यूनिटी को बढ़ाते हैं. इससे आंखों की रोशनी बढ़ती है, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है. खून की कमी भी दूर होती है. कद्दू खाने से पाचन क्रिया दुरुस्त रहती है और स्किन भी अच्छी रहती है. इससे गठिया और यूटीआई की समस्या दूर होती है. कद्दू के बीज, कद्दू का गूदा और इसके फूल से सलाद और सूप भी बनता है. कद्दू के फूल सर्दी-जुकाम से बचाते हैं.
कद्दू एक, डिशेज अनेक
कद्दू से मक्खन बनता है जिसे पंपकिन बटर कहते हैं. इसके अलावा इससे बार भी बनती हैं जो हेल्दी और टेस्टी होती हैं. कद्दू से बने कुरकुरे स्नैक्स लोग बहुत शौक से खाते हैं. कद्दू से चीज केक, मफिन्स और चिप्स भी बनते हैं. भारत में कद्दू का हलवा और खीर भी बनती है. इसके फूलों से बंगाल और केरल में पकौड़े बनते हैं. साउथ इंडिया में इसे को चावलों के साथ खाया जाता है.
महिला-पुरुष की फर्टिलिटी बढ़ाए
पुराने जमाने में अमेरिका में कद्दू के बीज दवाओं में इस्तेमाल होते थे. इसके बीज खाने से फर्टिलिटी बढ़ती है. पंपकिन सीड्स में जिंक होता है जो पुरुषों में स्पर्म की संख्या और टेस्टोस्टेरोन के लेवल को बढ़ाता है. ओमेगा 3 होने की वजह से सेक्शुअल ऑर्गन में खून का बहाव सुधरता है जिससे रिप्रोडक्टिव सिस्टम हेल्दी रहता है. इसी तरह कद्दू के बीज महिलाओं को मां बनने में मदद करते हैं. यह बीज मैच्योर एग बनाते हैं. इससे मिसकैरेज की संभावना घटती है और भ्रूण अच्छी तरह से विकसित होता है.
फिनलैंड में अक्टूबर का महीना पंपकिन फेस्टिवल के रूप में मनाया जाता है (Image-Canva)
पंपकिन में छुपाए जरूरी कागज, बम भी बनाया
अमेरिका में जरूरी डॉक्यूमेंट कद्दू में रखकर छुपाए गए थे. 1938 में इन्हें रूस के जासूसों ने चुरा लिया. इससे बहुत बवाल हुआ. जब इस घटना का खुलासा हुआ तो इन कागजों को पंपकिन पेपर्स का नाम दिया. वहीं दुश्मनों को डराने के लिए अमेरिका की वायुसेना ने सेकंड वर्ल्ड वॉर के दौरान एक बम बनाया जिसे पंपकिन बम कहा गया.
कद्दू से बनाई जाती मोमबत्ती और चटाई
जिस तरह जूट से चटाई बनाई जाती है, ठीक इसी तरह कद्दू के खोल को सुखाकर उससे रेशे निकाले जाते हैं. इससे चटाई बनती है. अमेरिका के कांसस में इसका काम ज्यादा है. सूखे कद्दू से मोमबत्ती भी बनाई जाती है. कद्दू के खोल में वैक्स को भरा जाता है. इन कैंडल्स की ब्रिकी हैलोवीन पर सबसे ज्यादा होती है. कद्दू को रूम फ्रेशनर के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है. कुछ आर्टिस्ट इसके खोल से लैंप शेड्स भी बनाते हैं.
टैग: स्वस्थ खाएँ, महिला स्वास्थ्य, फल विक्रेता, ईसाई दावत, स्वास्थ्य, संयुक्त राज्य अमेरिका
पहले प्रकाशित : 26 अक्टूबर, 2024, 4:11 अपराह्न IST
[ad_2]
Related
Recent Posts
- हॉकी इंडिया ने सीनियर वूमेन नेशनल चैम्पियनशिप में पदोन्नति और आरोप प्रणाली का परिचय दिया
- देखो | तमिलनाडु के लोक कला का खजाना: कन्यान कूथु के अभिभावकों की कहानी
- मर्सिडीज मेबैक के वर्ग मूल्य में लक्जरी आराम और प्रदर्शन – परिचय में शामिल हैं
- यहाँ क्या ट्रम्प, ज़ेलेंस्की और वेंस ने ओवल ऑफिस में गर्म तर्क के दौरान कहा था
- बटलर ने इंग्लैंड के व्हाइट-बॉल कप्तान के रूप में इस्तीफा दे दिया






