IAS टीना डाबी के सामने अचानक फफक-फफककर रोने लगी एक लड़की, जब बयां की अपनी कहानी, चारों ओर छा गया सन्नाटा

IAS टीना डाबी के सामने अचानक फफक-फफककर रोने लगी एक लड़की, जब बयां की अपनी कहानी, चारों ओर छा गया सन्नाटा

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एजेंसी:News18 राजस्थान

आखरी अपडेट:29 जनवरी, 2025, 20:04 है

इन दिनों बाड़मेर की कलेक्टर टीना डाबी अपने जिले में मरु उड़ान को लेकर चर्चा में हैं. इसी बीच उन्होंने बालिकाओं से मुलाकात की और यहीं एक लड़की कलेक्टर मैडम के सामने रोने लगी. आइए जानते हैं कि पूरा माजरा क्या है.

एक्स

कलेक्टर के सामने फरियाद लगाते हुए

हाइलाइट्स

  • लीला ने कलेक्टर टीना डाबी से मदद की गुहार लगाई.
  • बैंक घोटाले में लीला के लाखों रुपये डूब गए.
  • लीला ऑफिसर बनने का सपना देखती हैं.

बाड़मेर:- दोनों हाथ गंवा चुकी एक बेटी बाड़मेर जिला कलेक्टर टीना डाबी से मिलकर फफक-फफककर रो पड़ी. बिजली के करंट के कारण अपने दोनों हाथ गंवाने के बाद भी अपने जज़्बे से जिंदगी जी रही लीला कंवर को सहायता के रूप में मिले लाखों रुपये एक बैंक द्वारा लेकर भाग जाने की पूरी घटना सुनाते हुए वह जिला कलेक्टर टीना डाबी के सामने रो पड़ी.

लीला ने जिला कलेक्टर टीना डाबी को बताया कि करंट की वजह से उसके दोनों हाथ कट गए थे, जिसके बाद बिजली विभाग की तरफ से उसे 5 लाख रुपये सहायता राशि सौंपी गई थी. इसे उसके पिता ने नवजीवन क्रेडिट को-ऑपरेटिव बैंक में जमा करवाया था. वह बैंक भाग गई, जिससे उसके लाखों रुपए डूब गए. लीला कंवर ने बताया कि उसने मामला दर्ज करवाया है और मामला हाईकोर्ट में है. लेकिन उसे पैसे वापसी के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं.

देशभर में इस बैंक के खिलाफ केस
जिला कलेक्टर टीना डाबी ने लीला की पूरी बात बड़े इत्मीनान से ना केवल सुनी, बल्कि उसे भरोसा दिलाया कि उसकी हर सम्भव मदद की जाएगी. आपको बता दें कि राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश में अपनी सैकड़ो शाखाओं के जरिए गिरधर सिंह जैसिंधर नामक युवक ने नव जीवन क्रेडिट को-ऑपरेटिव बैंक के जरिये हजारों लोगो के करोड़ो रुपए लूट लिए थे. देशभर में 150 से ज्यादा जगहों पर उसके खिलाफ मामले दर्ज हैं. गिरधर सिंह सोढा के इस घोटाले की हजारों पीड़ितों में से लीला कंवर भी एक हैं.

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ऑफिसर बनने का है सपना
आपको बता दें कि लीला कॉलेज जाकर आगे की पढ़ाई करना चाहती हैं और एक काबिल ऑफिसर बनना चाहती हैं. लेकिन लीला किसान परिवार से आती हैं और घर के सदस्य खेती किसानी से जुड़े हैं. इतनी आमदनी भी नहीं होती और ना ही परिवार इतना सक्षम है कि लीला को आगे पढ़ाया जाए. लीला बताती हैं कि हादसे ने उसे अंदर तक झकझोर दिया था. पैरों से लिखना सीखा और फिर से जिंदगी का सफर शुरू किया. ऐसे में अब कलेक्टर टीना डाबी से मदद की गुहार लगाई है.

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IAS टीना डाबी के सामने अचानक फफक-फफककर रोने लगी एक लड़की, बयां की पूरी कहानी

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