EduCare न्‍यूज: दिल्ली यूनिवर्सिटी में एक साथ दो डिग्री ले सकेंगे स्टूडेंट्स, रेगुलर और ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग मोड में लेना होगा एडमिशन

EduCare न्‍यूज:  दिल्ली यूनिवर्सिटी में एक साथ दो डिग्री ले सकेंगे स्टूडेंट्स, रेगुलर और ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग मोड में लेना होगा एडमिशन

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  • एजुकेयर न्यूज, दिल्ली यूनिवर्सिटी में एक साथ दो डिग्री ले सकेंगे छात्र, रेगुलर और ओडीएल मोड में करना होगा एडमिशन

52 मिनट पहले

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दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के स्टूडेंट्स अब एक साथ दो डिग्री ले सकेंगे। DU ने स्टूडेंट्स के लिए एक साथ दो डिग्री प्रोग्राम शुरू किए हैं। पहली डिग्री किसी भी कॉलेज या विभाग से रेगुलर मोड में हासिल करनी होगी। दूसरी डिग्री स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग से ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) मोड से लेनी पड़ेगी।

DU के ऑफिशियल नोटिफिकेशन में कहा गया है कि DU में पहले से नॉमिनेटेड या डिग्री प्रोग्राम में एनरोलमेंट प्रोसेस में शामिल स्टूडेंट्स एक साथ दो डिग्री ले सकते हैं। हालांकि उन्हें एक ही समय में दो एक जैसे एकेडमिक प्रोग्राम जैसे बीकॉम (ऑनर्स) और बीकॉम में पढ़ाई करने की इजाजत नहीं होगी। भले ही उनमें से एक ODL मीडियम में लिया गया कोर्स हो।

नोटिफिकेशन में कहा गया है, 'ये दिशा-निर्देश सिर्फ PhD प्रोग्राम के अलावा दूसरे एकेडमिक प्रोग्राम में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स पर लागू होंगे।'

नोटिफिकेशन में कहा गया है, ‘ये दिशा-निर्देश सिर्फ PhD प्रोग्राम के अलावा दूसरे एकेडमिक प्रोग्राम में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स पर लागू होंगे।’

दो प्रोग्राम की अलग-अलग कंडीशन्स पूरी करनी होगी जो स्टूडेंट्स एक साथ दो डिग्री लेना चाहते हैं, उन्हें दोनों प्रोग्राम के लिए सभी एकेडमिक कंडीशन्स को अलग-अलग पूरा करना होगा। इसमें क्लास अटेंड करना, इंटरनल असेसमेंट पूरा करना, असाइनमेंट जमा करना, प्रेजेंटेशन देना और दोनों डिग्रियों के लिए प्रमोशन की शर्तों को पूरा करना शामिल होगा।

नोटिस में स्टूडेंट्स को यह भी बताया गया कि दूसरे प्रोग्राम में रिलेटेड कोर्सेस को बेहतर ऑप्शन से बदल दिया जाएगा। उदाहरण के लिए अगर कोई स्टूडेंट पहले किसी रेगुलर प्रोग्राम में एडमिशन लेता है तो उसे उस प्रोग्राम के लिए कम्प्लसरी प्रोग्राम को प्रायोरिटी दी जाएगी।

UG स्टूडेंट्स को EVS या AES लेना जरूरी अंडर ग्रेजुएट (UG) प्रोग्राम के लिए स्टूडेंट्स को पहले जिस प्रोग्राम में एडमिशन लेना है, उसके लिए ​​​​​​ एनवायर्नमेंटल साइंस (EVS) या एबिलिटी इन्हेंसमेंट कोर्स (AES) जैसे कम्प्लसरी कोर्सेस पूरे करने होंगे। अगर ये कोर्स दूसरे डिग्री प्रोग्राम में भी जरूरी हैं तो उन्हें बेहतर चुनिंदा कोर्स से बदल दिया जाएगा। उदाहरण के लिए दो ग्रेजुएशन डिग्री हासिल करने वाले स्टूडेंट्स अपने रेगुलर प्रोग्राम के तहत AEC लैंग्वेज या EVS कोर्स की स्टडी करेगा। जबकि, दूसरी ODL डिग्री के लिए वे या तो एक अलग AEC लैंग्वेज चुन सकते हैं या स्किल इन्हेंसमेंट कोर्स (SEC) या वैल्यू एडिशन कोर्स (VAC) का ऑप्शन चुन सकते हैं।

UG प्रोग्राम के चौथे साल में जरूरी रिसर्च सब्जेक्ट या प्रोजेक्ट वर्क हर एक डिग्री के लिए अलग-अलग होना चाहिए। इसके अलावा स्टूडेंट्स को किसी भी सब्जेक्ट में मेजर या माइनर हासिल करने के लिए दो अलग-अलग प्रोग्राम्स से मिले क्रेडिट को जोड़ने की परमिशन नहीं दी जाएगी।

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दिल्ली यूनिवर्सिटी में जोधपुर से भी NSUI कार्यकर्ता प्रचार प्रसार के लिए पहुंचे हैं।

दिल्ली यूनिवर्सिटी में जोधपुर से भी NSUI कार्यकर्ता प्रचार प्रसार के लिए पहुंचे हैं।

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