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वैष्णव बोले-राहुल हिंदी क्षेत्र से सांसद, क्या स्टालिन से सहमत: तमिलनाडु CM ने कहा था- हिंदी से 25 भाषाएं खत्म, यूपी-बिहार कभी हिंदी क्षेत्र नहीं थे
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- वैष्णव ने कहा कि राहुल हिंदी क्षेत्र के एक सांसद हैं, क्या वह स्टालिन से सहमत हैं
चेन्नई2 घंटे पहले
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केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने तमिलनाडु CM एमके स्टालिन की हिंदी भाषा को लेकर दिए गए कमेंट की आलोचना की। वैष्णव ने सोशल मीडिया X पर लिखा- समाज को बांटने के ऐसे प्रयासों से खराब शासन कभी नहीं छिप पाएगा। यह जानना दिलचस्प होगा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस विषय पर क्या कहते हैं। क्या हिंदी भाषी सीट से सांसद के तौर पर वे इससे सहमत होंगे?
इससे पहले स्टालिन ने गुरुवार को कहा था कि जबरन हिंदी थोपने से 100 सालों में 25 नॉर्थ इंडियन भाषाएं खत्म हो गई। उत्तर प्रदेश और बिहार कभी भी हिंदी क्षेत्र नहीं थे। अब उनकी असली भाषाएं अतीत की निशानी बन गई है।
तमिलनाडु में भाषा को लेकर ताजा विवाद न्यू एजुकेशन पॉलिसी से जुड़ा है। नई शिक्षा नीति के तहत हर राज्य के छात्रों को तीन भाषा सीखनी होगी, जिनमें से एक हिंदी होगी। तमिलनाडु को हिंदी से आपत्ति है।
अब देखिए स्टालिन की सोशल मीडिया पोस्ट…

अश्विनी वैष्णव का जवाब…

कैसे शुरू हुआ ट्राई लैंग्वेज वॉर धर्मेंद्र प्रधान ने 15 फरवरी को वाराणसी के एक कार्यक्रम में तमिलनाडु की राज्य सरकार पर राजनीतिक हितों को साधने का आरोप लगाया था।

धर्मेंद्र प्रधान के बयान के बाद तमिलनाडु के CM और डिप्टी CM के बयान
18 फरवरी को उदयनिधि स्टालिन बोले- केंद्र लैंग्वेज वॉर शुरू न करें चेन्नई में डीएमके की रैली में उदयनिधि स्टालिन ने कहा- ” धर्मेंद्र प्रधान ने हमें खुलेआम धमकी दी है कि फंड तभी जारी किया जाएगा जब हम तीन-भाषा फॉर्मूला स्वीकार करेंगे। लेकिन हम आपसे भीख नहीं मांग रहे हैं। जो राज्य हिंदी को स्वीकार करते हैं, वे अपनी मातृभाषा खो देते हैं। केंद्र लैंग्वेज वॉर शुरू न करें।
25 फरवरी को एमके स्टालिन बोले- हम लैंग्वेज वॉर के लिए तैयार हैं तमिलनाडु CM एमके स्टालिन ने कहा- केंद्र हमारे ऊपर हिंदी न थोपे। अगर जरूरत पड़ी तो उनका राज्य एक और लैंग्वेज वॉर के लिए तैयार है।
23 फरवरी को शिक्षा मंत्री ने स्टालिन को लेटर लिखा था ट्राई लैंग्वेज विवाद पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन को लेटर लिखा था। उन्होंने राज्य में हो रहे नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) के विरोध की आलोचना की।
उन्होंने लिखा, ‘किसी भी भाषा को थोपने का सवाल नहीं है। लेकिन विदेशी भाषाओं पर अत्यधिक निर्भरता खुद की भाषा को सीमित करती है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) इसे ही ठीक करने का प्रयास कर रही है। NEP भाषाई स्वतंत्रता को कायम रखती है और यह सुनिश्चित करती है कि स्टूडेंट अपनी पसंद की भाषा सीखना जारी रखें।’
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने लेटर में मई 2022 में चेन्नई में पीएम मोदी के ‘तमिल भाषा शाश्वत है’ के बायन का जिक्र करते हुए लिखा- मोदी सरकार तमिल संस्कृति और भाषा को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने और लोकप्रिय बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मैं अपील करता हूं कि शिक्षा का राजनीतिकरण न करें।

NEP 2020 के तहत, स्टूडेंट्स को 3 भाषाएं सीखनी होंगी, लेकिन किसी भाषा को अनिवार्य नहीं किया गया है। राज्यों और स्कूलों को यह तय करने की आजादी है कि वे कौन-सी 3 भाषाएं पढ़ाना चाहते हैं।
प्राइमरी क्लासेस (क्लास 1 से 5 तक) में पढ़ाई मातृभाषा या स्थानीय भाषा में करने की सिफारिश की गई है। वहीं, मिडिल क्लासेस (क्लास 6 से 10 तक) में 3 भाषाओं की पढ़ाई करना अनिवार्य है। गैर-हिंदी भाषी राज्य में यह अंग्रेजी या एक आधुनिक भारतीय भाषा होगी। सेकेंड्री सेक्शन यानी 11वीं और 12वीं में स्कूल चाहे तो विदेशी भाषा भी विकल्प के तौर पर दे सकेंगे।
गैर-हिंदी भाषी राज्यों में हिंदी दूसरी भाषा 5वीं और जहां संभव हो 8वीं तक की क्लासेस की पढ़ाई मातृभाषा, स्थानीय या क्षेत्रीय भाषा में करने पर जोर है। वहीं, गैर-हिंदी भाषी राज्यों में हिंदी दूसरी भाषा के रूप में पढ़ाई जा सकती है। साथ ही, हिंदी भाषी राज्यों में दूसरी भाषा के रूप में कोई अन्य भारतीय भाषा (जैसे- तमिल, बंगाली, तेलुगु आदि) हो सकती है।
किसी भाषा को अपनाना अनिवार्य नहीं राज्यों और स्कूलों को यह तय करने की स्वतंत्रता है कि वे कौन-सी तीन भाषाएं पढ़ाएंगे। किसी भी भाषा को अनिवार्य रूप से थोपने का प्रावधान नहीं है।
……………………।
ट्राई लैंग्वेज वॉर से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें….
शाह बोले-तमिल न बोल पाने के लिए माफी मांगता हूं: यह दुनिया की सबसे पुरानी भाषा; राज्य में ट्राई लैंग्वेज पॉलिसी पर जारी है विवाद

तमिलनाडु में ट्राई लैंग्वेज पॉलिसी पर जारी विवाद के बीच गृह मंत्री अमित शाह का एक बयान सामने आया है। शाह 26 फरवरी को कोयंबटूर में ईशा फाउंडेशन में आयोजित महाशिवरात्रि समारोह में शामिल हुए थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने कहा- सबसे पहले, मैं दुनिया की सबसे पुरानी भाषा तमिल न बोल पाने के लिए माफी मांगना चाहता हूं। पूरी खबर पढ़ें…
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