डल्लेवाल के कंधे पर शिवराज का हाथ, फिर किसान नेताओं से मुलाकात, जानें क्या हुई बात

डल्लेवाल के कंधे पर शिवराज का हाथ, फिर किसान नेताओं से मुलाकात, जानें क्या हुई बात

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एजेंसी:एजेंसियां

आखरी अपडेट:23 फरवरी, 2025, 00:00 IST

Shivraj Chauhan Farmers Meet: कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसान नेताओं के साथ अहम बैठक की. इस दौरान एमएसपी की कानूनी गारंटी पर चर्चा हुई. जानें शिवराज चौहान ने इस बैठक को लेकर क्या कुछ बताया…

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसान नेताओं के साथ अहम बैठक की.

हाइलाइट्स

  • कृषि मंत्री शिवराज चौहान ने किसान नेताओं से अहम बैठक की.
  • इस बैठक में एमएसपी की कानूनी गारंटी पर चर्चा हुई.
  • कृषि मंत्री ने बताया कि अगली बैठक 19 मार्च को चंडीगढ़ में होगी.

चंडीगढ़. चंडीगढ़. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शनिवार को किसानों के मुद्दों पर एक अहम बैठक की. बैठक में फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए कानूनी गारंटी सहित किसानों की विभिन्न मांगों पर चर्चा की गई. कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसान नेताओं के साथ बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई और अगले दौर की वार्ता 19 मार्च को चंडीगढ़ में होगी.

करीब तीन घंटे तक चली बैठक के बाद मंत्री ने कहा, ‘हमने किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल और सरवन सिंह पंधेर के विचार सुने. बहुत अच्छी चर्चा हुई. चर्चा जारी रहेगी और अगली बैठक 19 मार्च को चंडीगढ़ में होगी.’ उन्होंने कहा कि यह बैठक इसलिए भी अहम थी, क्योंकि इसमें किसानों ने अपनी बात को सीधे तौर पर केंद्रीय कृषि मंत्री के समक्ष रखा.

19 को MSP के आंकड़े सौंपेंगे किसान
पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह बैठक केंद्रीय मंत्री और पंजाब सरकार के मंत्रियों की मौजूदगी में हुई थी. किसानों के संगठन 19 मार्च को एमएसपी पर संबंधित आंकड़े केंद्र सरकार को सौंपेंगे. बैठक में केवल एमएसपी के कानूनी अधिकार को लेकर ही चर्चा हुई. राज्य सरकार किसानों के साथ है और इस मुद्दे का सकारात्मक समाधान ढूंढने के लिए पूरी कोशिश कर रही है.

उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह से एक्टिव है. उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार के मंत्रियों ने किसान नेता जगजीत सिंह से अपील की है कि वह अपना अनशन समाप्त करें. बैठक में महाराष्ट्र, केरल सहित अन्य राज्यों में एमएसपी से संबंधित मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया.

केंद्रीय मंत्रियों ने किसान नेताओं से अपील की कि वह 19 मार्च को होने वाली अगली बैठक में और अधिक जानकारी साझा करें ताकि इस मुद्दे का हल जल्द निकाला जा सके.

किसानों की क्या हैं मांगें?
याद दिला दें कि 70 वर्षीय डल्लेवाल केंद्र पर आंदोलनकारी किसानों की मांगों को स्वीकार करने का दबाव बनाने के लिए 26 नवंबर, 2024 से पंजाब और हरियाणा के बीच खनौरी सीमा पर आमरण अनशन पर हैं. संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) के बैनर तले किसान पिछले साल 13 फरवरी से पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी सीमा पर डेरा डाले हुए हैं, क्योंकि सुरक्षा बलों ने उन्हें अपनी विभिन्न मांगों को लेकर दिल्ली तक मार्च करने की अनुमति नहीं दी थी.

एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी के अलावा, किसान कर्ज माफी, किसानों और खेत मजदूरों के लिए पेंशन, बिजली दरों में बढ़ोतरी नहीं करने, किसानों के खिलाफ पुलिस मामलों को वापस लेने और उत्तर प्रदेश में 2021 लखीमपुर खीरी हिंसा के पीड़ितों के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं. वहीं भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 2013 को बहाल करना और 2020-21 में पिछले आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवजा देना भी उनकी मांगों का हिस्सा है. (भाषा और IANS इनपुट के साथ)

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