जयपुर के इस जैविक उद्यान की सफ़ारी होगी रॉयल, इन राज्यों से एक्सचेंज होंगे जंगली जानवर

जयपुर के इस जैविक उद्यान की सफ़ारी होगी रॉयल, इन राज्यों से एक्सचेंज होंगे जंगली जानवर

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एजेंसी:News18 राजस्थान

आखरी अपडेट:12 फरवरी, 2025, 14:01 IST

Jaipur Nahargarh Biological Park: जयपुर का नाहरगढ़ जैविक उद्यान पर्यटकों को जंगल सफारी का अनूठा अनुभव प्रदान करता है. यहां आपको जंगली जानवरों से लेकर 285 से अधिक प्रजाति की पक्षियां देखने को मिल जाएंगे. यहां बा…और पढ़ें

इसमें 285 से अधिक पक्षियों की प्रजातियाँ पाई जाती हैं.

हाइलाइट्स

  • जयपुर का नाहरगढ़ जैविक उद्यान पर्यटकों को अनूठा अनुभव देता है.
  • जम्मू-कश्मीर से हिमालयन भालू, मैसूर से वुल्फ लाए जाएंगे.
  • उद्यान में 285 से अधिक पक्षियों की प्रजातियां पाई जाती हैं.

जयपुर. गुलाबी नगरी जयपुर किले, महल और राजस्थानी संस्कृति के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है. इसके अलावा जयपुर में वाइल्ड लाइफ ट्यूरिज्म भी बढ़ता जा रहा है. किले, महल, संस्कृति और वाइल्ड लाइफ की झलक एक जगह ही मिलने के कारण देसी और विदेशी पर्यटक जयपुर की ओर अपना रुख अधिक कर रहे हैं. ऐसे में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए जयपुर में जंगली जानवरों की प्रजातियों की संख्या बढ़ाई जा रही है. नाहरगढ़ जैविक उद्यान में यहां विजिटर्स को शेर, बाघ, बघेरे, भालू सहित अन्य वन्यजीव देखने को मिलते हैं.

इसके अलावा समय-समय पर देश के अन्य राज्यों के बायोलॉजिकल पार्कों से एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत भी वन्यजीव लाए जा रहे हैं. अब जल्द ही जम्मू-कश्मीर, उत्तरप्रदेश के लखनऊ और मैसूर चिड़ियाघर से वन्यजीव लाए जाएंगे.

इन जंगली जानवरों को होगा आदान-प्रदान

नाहरगढ़ जैविक उद्यान से मिली जानकारी के अनुसार जम्मू-कश्मीर स्थित चिड़ियाघर से हिमालयन भालू का जोड़ा लाया जाएगा. यहां से हिमालयन भालू के जोड़े के बदले नाहरगढ़ जैविक उद्यान से जरख, मगरमच्छ और घड़ियाल बदले में दिए जाएंगे. इसके अलावा लखनऊ चिड़ियाघर से भी वन्यजीव नाहरगढ़ जैविक उद्यान लाए जाने की योजना है. इसके बदले लखनऊ को हाइना और चौरि-गंगा दिए जा सकते हैं. वहीं, मैसूर जंतुआलय से वुल्फ लाए जाएंगे, ताकि लम्बे समय से यहां इनमें जीनपूल में चेंज की कवायद पूरी हो सके.

720 हेक्टेयर में फैला है नाहरगढ़ जैविक उद्यान

नाहरगढ़ जैविक उद्यान जयपुर से मात्र 12 किलोमीटर की दूरी पर जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) 8 पर स्थित है. यह पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है. अरावली पर्वतमाला से घिरा यह पार्क 720 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है. पक्षी प्रेमियों के लिए यह पार्क स्वर्ग से कम नहीं है, क्योंकि इसमें 285 से अधिक पक्षियों की प्रजातियां पाई जाती है. इसके अलावा यह वन्यजीव सफ़ारी के लिए प्रसिद्ध है. यहां सबसे ज़्यादा देखे जाने वाले जानवर रॉयल बंगाल टाइगर, हाइना, पैंथर, मगरमच्छ, सुस्त भालू, हिमालयी काला भालू और जंगली सूअर है. यहां पक्षियों की 285 प्रजातिया हैं, जिनमें से सबसे मशहूर सफ़ेद गर्दन वाला टिट है.

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जयपुर का यह जैविक उद्यान है बेहद खास, अब इन जानवरों का भी कर सकेंगे दीदार

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