The best discounts this week
Every week you can find the best discounts here.
Pro-Ethic Style Developer Men’s Silk Kurta Pajama Set Wedding & Festive Indian Ethnic Wear (A-101)
Uri and MacKenzie Men’s Silk Blend Kurta Pyjama with Stylish Embroidered Ethnic Jacket
Rozhub Naturals Aloe Vera & Basil Handmade Soaps, 100 Gm (Pack Of 4)
Titan Ladies Neo-Ii Analog Rose Gold Dial Women’s Watch-NL2480KM01
BINSBARRY Humidifier for Room Moisture, Aroma Diffuser for Home, Mist Maker, Cool Mist Humidifier, Small Quiet Air Humidifier, Ultrasonic Essential Oil Diffuser Electric (Multicolour)
Fashion2wear Women’s Georgette Floral Digital Print Short Sleeve Full-Length Fit & Flare Long Gown Dress for Girls (LN-X9TQ-MN1D)
गरीबी के कारण पिता को समाज ने कर दिया था उपेक्षित, अब बेटे ने एथलेटिक्स में गोल्ड जीतकर बनाया नेशनल रिकॉर्ड
[ad_1]
एजेंसी:News18 Bihar
आखरी अपडेट:21 दिसंबर, 2024, 14:15 है
Rohtas Imran Succes Story: रोहतास के रहने वाले इमरान आलम एक ऐसा ही उभरता सितारा है. इमरान ने साबित किया कि कम संसाधन के बावजूद अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से सफलता पाई जा सकती है. पिता ने बेटे को मजदूर कर खेल के …और पढ़ें
प्रतीकात्मक तस्वीर
रोहतास. खेल अब सिर्फ एक प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि एक बेहतरीन करियर बन चुका है, जिसमें नाम, प्रसिद्धि और धन की कोई कमी नहीं है. हालांकि इसके लिए खिलाड़ियों को कठिन मेहनत, संघर्ष और समर्पण की आवश्यकता होती है. यही संघर्ष और समर्पण उन्हें ऊंचाइयों तक पहुंचाता है. जब कोई खिलाड़ी अपना लक्ष्य हासिल करता है, तो उसकी कठिनाई और संघर्ष की कहानी पीछे छूट जाती है. एथलेटिक्स में रोहतास के संझौली प्रखंड के मसोना गांव के रहने वाले इमरान आलम भी एक ऐसा ही उभरता सितारा है, जिन्होंने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से यह साबित किया कि कम संशाधन होने के बावजूद भी सफलता पाई जा सकती है.
बता दें कि 7 से 11 दिसंबर तक भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में आयोजित 39वीं जूनियर नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2024 में इमरान ने शानदार प्रदर्शन किया. 60 मीटर दौड़ और 4.49 मीटर की लॉन्ग जंप में अंडर-14 कैटेगरी में 2,275 अंकों के साथ गोल्ड मेडल जीतकर उन्होंने नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया. उसकी इस ऐतिहासिक सफलता पर ना सिर्फ उनका परिवार बल्कि पूरा गांव और जिला गर्व से झूम उठा.
पिता ने मजदूरी कर बेटे को खेल में बढ़ाया आगे
इमरान ने लोकल 18 से को बताया कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के बावजूद, माता-पिता के समर्थन के साथ खेल के क्षेत्र में कदम रखा. 2022 में केके हाई स्कूल से जिला स्तर पर पहली बार दौड़ के लिए चयन हुआ. इसके बाद राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई. फिलहाल पटना के खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में प्रशिक्षण ले रहे हैं. वहीं इमरान के पिता जमालुदीन मंसूरी अपने बेटे के इस उपलब्धि पर काफी ख़ुश नजर आए. उन्होंने लोकल 18 को बताया कि गरीबी के कारण अपने बेटे को खेल में आगे बढ़ाने के लिए जरूरी संसाधन जुटाना मुश्किल था. मजदूरी कर अपने बेटे को खेल की आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराते थे.
एथलेटिक्स अंडर-14 में जीता स्वर्ण पदक
पिता जमालुदीन मंसूरी ने बताया कि खेल के प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा भारी फीस मांगी जा रही थी, लेकिन उन्होंने ने कभी हार नहीं मानी. इमरान ने अंडर-14 श्रेणी में 2,275 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता और नया नेशनल रिकॉर्ड स्थापित किया. इस सफलता से न सिर्फ़ अपना नाम रोशन किया है बल्कि बिहार का नाम भी गर्व से ऊंचा किया है. आज इमरान ना केवल अपने परिवार के लिए बल्कि पूरे रोहतास जिले के लिए गौरव का प्रतीक बन चुके हैं. उसकी सफलता यह साबित करती है कि अगर किसी व्यक्ति का हौसला बुलंद हो, तो कोई भी मुश्किल उसे अपने रास्ते में नहीं रोक सकती.
21 दिसंबर, 2024, 14:15 है
मजदूर का बेटा नेशनल रिकॉर्ड होल्डर, एथलेटिक्स में जीता गोल्ड मेडल
[ad_2]
Related
Recent Posts
- हॉकी इंडिया ने सीनियर वूमेन नेशनल चैम्पियनशिप में पदोन्नति और आरोप प्रणाली का परिचय दिया
- देखो | तमिलनाडु के लोक कला का खजाना: कन्यान कूथु के अभिभावकों की कहानी
- मर्सिडीज मेबैक के वर्ग मूल्य में लक्जरी आराम और प्रदर्शन – परिचय में शामिल हैं
- यहाँ क्या ट्रम्प, ज़ेलेंस्की और वेंस ने ओवल ऑफिस में गर्म तर्क के दौरान कहा था
- बटलर ने इंग्लैंड के व्हाइट-बॉल कप्तान के रूप में इस्तीफा दे दिया






