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कौन हैं शतरंज के ‘अर्जुन’, जिन्होंने मनोरंजन के लिए सीखा था चेस, अब रचा इतिहास
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अर्जुन एरीगैसी ने शतरंज में रचा इतिहास: भारतीय शतरंज का शुक्रवार को नया इतिहास बना. 21 वर्षीय अर्जुन एरिगैसी ने विश्वनाथन आनंद के बाद एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है जिसने भारतीय शतरंज को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है. वह विश्वनाथन आनंद के बाद 2800 ELO रेटिंग हासिल करने वाले दूसरे भारतीय बने हैं. यह शतरंज में एक बेहद प्रतिष्ठित उपलब्धि है, जिसे दुनिया के चुनिंदा खिलाड़ी ही हासिल कर पाते हैं. अर्जुन एरिगैसी ने यह उपलब्धि 39वें यूरोपीय शतरंज क्लब कप में हासिल की. जीत के साथ उन्होंने लाइव रेटिंग में 2800 ईएलओ अंक पार कर लिए.
अर्जुन एरिगैसी ने यूरोपीय शतरंज क्लब कप के राउंड 5 में रूसी शतरंज ग्रैंडमास्टर दिमित्री आंद्रेइकिन को सफेद मोहरों से हराकर यह उपलब्धि हासिल की. आंद्रेइकिन को हराने के बाद अर्जुन एरिगैसी शतरंज रेटिंग में विश्व नंबर तीन रैंकिंग पर पहुंच गए और वर्तमान में उनके नाम पर 2802.1 अंक हैं. कुल मिलाकर अर्जुन एरिगैसी लाइव रेटिंग में 2800 पार करने वाले दुनिया के 16वें खिलाड़ी हैं.
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ये करने वाले तीसरे सबसे युवा
वारंगल के रहने वाले अर्जुन एरिगैसी के आंद्रेइकिन के खिलाफ मैच से पहले 2798 अंक थे. उनके पास 2024 यूरोपीय शतरंज क्लब कप में लगातार तीन जीत के बाद गुरुवार को 2800 का आंकड़ा पार करने का मौका था, लेकिन राउंड 4 में सर्बियाई शतरंज ग्रैंडमास्टर एलेक्जेंडर प्रेडके के खिलाफ ड्रॉ ने उनके जश्न में खलल डाल दिया. बहरहाल, भारतीय शतरंज सनसनी ने शुक्रवार को यह उपलब्धि हासिल की और ऐसा करने वाले तीसरे सबसे युवा खिलाड़ी बन गए.
शतरंज ओलंपियाड में मचाई थी धूम
अर्जुन एरिगैसी ने बुडापेस्ट में 45वें शतरंज ओलंपियाड में भारत की पहली खिताबी जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी. अर्जुन अपने पहले छह गेम में 6-0 का परिणाम हासिल कर भारत को स्वर्ण पदक जीतने में मदद की. शतरंज में लगातार छह गेम जीतना क्रिकेट में एक ओवर में छह छक्के मारने के समान है. शतरंज में, लगातार छह जीत का सिलसिला 1971 विश्व चैंपियनशिप में हासिल किया गया था जब बॉबी फिशर ने कैंडिडेट्स क्वार्टर फाइनल में मार्क तैमानोव को 6-0 से हरा दिया था.
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जीता था व्यक्तिगत स्वर्ण पदक
हालांकि अर्जुन एरीगैसी के परिणाम छह अलग-अलग विरोधियों के खिलाफ आए, जिनमें से कुछ उच्च रैंक वाले थे. इससे विश्व शतरंज में सबसे बड़े युवा स्टार के रूप में उनकी प्रतिष्ठा बढ़ गई. अगर वह इसी तरह आगे बढ़ते रहे तो जल्द ही उनकी शीर्ष रैंकिंग तक पहुंचने की संभावना है. तेलंगाना के ग्रैंडमास्टर ने शतरंज ओलंपियाड में अंततः 11 बाजियों में से 10 अंकों के साथ समापन किया. उन्होंने नौ में जीत हासिल की और दो गेम ड्रॉ रहे, जिससे वह टूर्नामेंट में अपराजित रहे. उन्होंने तीसरे बोर्ड पर व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता. इस क्रम में उन्होंने जिस उच्चतम रेटिंग वाले खिलाड़ी को हराया, वह 2740 पर यूएसए के डोमिंगुएज पेरेज लेइनियर थे.
दोस्तों के साथ शुरू किया खेलना
3 सितंबर 2003 को आंध्र प्रदेश (अब तेलंगाना) के वारंगल में जन्मे अर्जुन ने अपने दोस्तों के साथ मनोरंजन के लिए शतरंज खेलना शुरू किया. यह मंदिर शहर तिरुपति में उनके किंडरगार्टन शिक्षक थे जिन्होंने अर्जुन के माता-पिता को सलाह दी थी कि शतरंज खेलना उनके लिए अच्छा होगा. क्योंकि अर्जुन के पास सीखने की क्षमता और ललक थी. वह चीजों को तेजी से याद करते थे. कम उम्र में उन्हें 70 देशों की राजधानियों और उनकी मुद्राओं के नाम याद थे. उनकी रुचि को देखते हुए, उनके न्यूरोसर्जन पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में चेस की ट्रेनिंग दिलाने का फैसला किया, और उन्हें हनमकोंडा में बीएस शतरंज अकादमी और बाद में उनके गृहनगर वारंगल में कोथापेट में रेस अकादमी में भर्ती कराया.
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15वें जन्मदिन से पहले बने जीएम
2017 के बाद इस युवा खिलाड़ी की जबरदस्त प्रगति हुई और वह 14 साल, 11 महीने और 13 दिन की उम्र में छह महीने के भीतर ग्रैंडमास्टर बन गए. अगले छह वर्षों में, अर्जुन भारत के सबसे मजबूत युवा खिलाड़ी के रूप में उभरे, और डी गुकेश, आर प्रगनानंद और निहाल सरीन की कंपनी में भारतीय शतरंज की स्वर्णिम पीढ़ी का हिस्सा बन गए. अर्जुन शतरंज बोर्ड पर हर प्यादे के लिए लड़ते हैं, कभी-कभी अंतिम परिणाम के बारे में चिंता किए बिना. यह जीत के लिए समझौता न करने वाली उनकी जिजीविषा ही है जिसके कारण मैग्नस कार्लसन ने अर्जुन एरिगैसी को ‘शतरंज बोर्ड पर पागल आदमी’ का नाम दिया.
बाजी खत्म करने में नहीं लगाते समय
अर्जुन एक क्विक लर्नर हैं और उन्होंने अब तक कई कोचों के साथ काम किया है, जिनमें इजरायल के जीएम विक्टर मिखालेव्स्की, हमवतन श्रीनाथ नारायणन प्रमुख हैं. वर्तमान में उन्हें पूर्व FIDE विश्व चैंपियन रुस्तम कासिमदजानोव ट्रेनिंग दे रहे हैं. कासिमदजानोव पहले विश्वनाथन आनंद, फैबियानो कारुआना और सर्गेई कारजाकिन के साथ जुड़े रहे हैं. वह ऑनलाइन सीखने में यकीन रखते हैं. उनका ज्यादातर समय अपने पिछले प्रशिक्षकों के साथ ऑनलाइन बातचीत में गुजरता है. जटिल स्थितियों में खेलने में माहिर, अर्जुन एक लड़ाकू और तुंरत फैसला लेने वाले खिलाड़ी हैं. वह अक्सर अपने प्रतिद्वंद्वी की तुलना में अधिक समय के साथ खेल समाप्त करते हैं.
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2021 में जीती नेशनल चैंपियनशिप
2021 में, वह चैंपियंस शतरंज टूर के गोल्डमनी एशियन रैपिड सेक्शन के लिए क्वालीफाई करने वाले पहले भारतीय बने और टाटा स्टील इंडिया शतरंज टूर्नामेंट (रैपिड और ब्लिट्ज) का रैपिड सेक्शन भी जीता. जनवरी 2022 में, अर्जुन ने टाटा स्टील शतरंज 2022 चैलेंजर जीता और इस प्रक्रिया में क्लासिकल प्रारूप में विश्व रैंकिंग में शीर्ष -100 में शामिल हो गए. उसी वर्ष मार्च में, उन्होंने इंडियन नेशनल चैंपियनशिप जीती और इसके बाद दिल्ली ओपन में डी गुकेश और हर्ष भरतकोटी को टाईब्रेकर में हराकर ताज हासिल किया.
यादगार रहा साल 2024
अगस्त 2022 में, उन्होंने 28वां अबू धाबी अंतरराष्ट्रीय शतरंज महोत्सव जीता और अगले महीने, उन्होंने 2700 एलो की रेटिंग को पार कर लिया. दिसंबर 2022 में, अर्जुन ने टाटा स्टील शतरंज इंडिया 2022 ब्लिट्ज जीता, जो टाटा स्टील स्पर्धाओं में उनका अब तक का तीसरा खिताब है. उन्होंने 2024 में अप्रैल में मिनोर्का ओपन ए और स्टीफन अवाग्यान मेमोरियल 2024 में भी खिताब जीतने का सिलसिला जारी रखा. उनके सनसनीखेज प्रदर्शन का समापन बुडापेस्ट में शतरंज ओलंपियाड में नो-होल्ड-बैरर्ड शतरंज के यादगार प्रदर्शन के रूप में हुआ.
टैग: शतरंज चैंपियन, शतरंज के सबसे युवा ग्रैंडमास्टर, विश्वनाथन आनंद, विश्व शतरंज चैंपियनशिप
पहले प्रकाशित : 26 अक्टूबर, 2024, शाम 7:05 बजे IST
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