बार-बार हो रहे हैं बीमार या नहीं बन रहे कोई भी काम? श्रावण मास में जरूर पढ़ें या सुनें शिव पुराण, जानें इसका महत्व और नियम

बार-बार हो रहे हैं बीमार या नहीं बन रहे कोई भी काम? श्रावण मास में जरूर पढ़ें या सुनें शिव पुराण, जानें इसका महत्व और नियम

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हाइलाइट्स

क्या आप जानते हैं शिव पुराण को सुनने मात्र से ही आपको ढेर सारे लाभ मिलते हैं.सभी पुराणों में शिव पुराण का विशेष महत्व बताया गया है.

शिवपुराण सुनने के लाभ: देवों के देव महादेव की आराधना इन दिनों धूमधाम से की जा रही है, क्योंकि सावन महीना भगवान शिव को समर्पित है. इसके अलावा सालभर सोमवार के दिन शिवालयों में भक्तों की धूम होती है. भगवान शिव अपने भक्तों के सभी कष्टों को हर लेते हैं और सुखमय जीवन का आर्शीवाद देते हैं. भगवान शिव की पूजा कई तरह से की जाती है, जिसका पुण्य लाभ मिलता है. लेकिन, क्या आप जानते हैं शिव पुराण को सुनने मात्र से ही आपको ढेर सारे लाभ मिलते हैं. आपको बता दें कि, सभी पुराणों में शिव पुराण का विशेष महत्व बताया गया है. इसमें भगवान शिव के रूप, लीलाओं और कथाओं का वर्णन मिलता है. लेकिन इसे पढ़ने के कई नियम हैं. आइए जानते हैं शिवपुराण पढ़ने का महत्व और नियम के बारे में भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा से.

शिव पुराण पढ़ने का महत्व
धार्मिक मान्यता है कि, शिव पुराण सुनने व पढ़ने से साधक को शिवलोक में स्थान प्राप्त होता है. इसे सुनने मात्र से ही व्यक्ति को सभी पापों से मुक्ति मिलती है. शिव पुराण में जीवन के गूढ़ रहस्यों, आत्मा और परमात्मा के संबंध के अलावा कर्मफल सिद्धांत के बारे में विस्तार से बताया गया है. जिससे जीवन के उद्देश्य को समझने में मदद मिलती है.

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ऐसा कहा जाता है कि, यदि कोई बार-बार बीमार पड़ता है, तो उसे शिव पुराणा जरूर पढ़ना चाहिए. वहीं दांपत्य जीवन को सुखमय बनाने के लिए भी इसका पाठ करना अत्यंत लाभकारी माना गया है. इसे पढ़ने से सुनने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है.

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शिव पुराण पढ़ने के नियम
– शिवपुराण की कथा पढ़ने या सुनने से पहले भगवान शिव का ध्यान करें.
– हमेशा शिवपुराण की कथा पूरे मन और भक्ति-भाव के साथ सुनें.
– शिव पुराण का पाठ करने के दौरान सात्विक भोजन ही करना चाहिए.
– शिव पुराण का पाठ कर रहे हैं तो अपने सगे-संबंधियों को अवश्य बुलाएं.
– शिव पुराण का पाठ हमेशा निराहार रहकर ही करें.

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