[ad_1] बहुत कम समकालीन फिल्म निर्माताओं ने निखिल आडवाणी की तरह शैलियों को बदला है। अभी भी भावपूर्ण तरीके से याद किया जाता है कल हो ना हो, इन वर्षों में निखिल ने एक विविध पैलेट विकसित किया है, जहां हाल ही में नाटकीय थ्रिलर के उत्कर्ष के साथ बताए गए कम-ज्ञात ऐतिहासिक विवरण प्रमुख