[ad_1] पूरी दुनिया के रहनेवाले जिस तरह की ज़िंदगियां जी रहे हैं उसमें पलायन ही एकलौता सहारा नजर आता है भले ही वो थोड़े समय के लिए ही क्यों न हो. मानसिक बीमारियों के अलावा हमारी संवेदनशीलता में भी कई गुना वृद्धि हो चुकी है. हम किसी भी बात पर नाराज, खफा, गुस्सा या दुखी