[ad_1] अहमदाबाद. जब कोई शख्स खुद को एक आईएएस अधिकारी बताकर किसी से पर्दे और सायरन वाली गाड़ी भेजने को कहेगा, तो जाहिर है कि सामने वाला पहली बार ऐसा करने में खुशी महसूस करे. मगर बार-बार किसी से ऐसी गाड़ी की फरमाइश करके किराया नहीं चुकाने पर किसी के भी सब्र का बांध टूट