[ad_1] ‘बर्लिन’ से एक दृश्य यह फिल्म 1993 की दिल्ली की सर्दियों पर आधारित है, जब शीत युद्ध के वर्षों के बाद यूरोप पर से लौह परदा हटा ही था। बर्लिन यह हमें उस दौर में ले जाता है जब भारत कई मायनों में सोवियत प्रभाव में था। अमेरिकी सपने को संदेह की दृष्टि से