[ad_1] बेगम अख्तर ग़ज़ल, ठुमरी और दादरा की प्रतिपादक थीं। | फोटो क्रेडिट: साईनाथ बी द्वारा चित्रण संकरी, उबड़-खाबड़ सड़कों से होकर बेगम अख्तर तक का सफर mazaar लखनऊ के पसंद बाग में स्थित (कब्र) उनकी जीवन यात्रा का प्रतीक प्रतीत होती है। ताज पहनने से पहले गायक ने कई शारीरिक और भावनात्मक लड़ाइयाँ लड़ीं