NEET UG काउंसलिंग स्‍थगित: वजह साफ नहीं, आज से रजिस्‍ट्रेशन शुरू होने थे; सुप्रीम कोर्ट में 8 जुलाई को NEET केस की सुनवाई

NEET UG काउंसलिंग स्‍थगित:  वजह साफ नहीं, आज से रजिस्‍ट्रेशन शुरू होने थे; सुप्रीम कोर्ट में 8 जुलाई को NEET केस की सुनवाई

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कुछ ही क्षण पहले

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इंडिया यूथ फ्रंट, AISA और SFI ने 8 जुलाई को दिल्ली के जंतर मंतर पर NTA के खिलाफ प्रदर्शन किया था।

NEET UG के लिए काउंसलिंग को मेडिकल काउंसलिंग कमीशन यानी MCC ने स्थगित कर दिया है। काउंसलिंग की कोई नई डेट जारी नहीं की गई है। NEET UG की ऑल इंडिया कोटा सीट्स यानी AIQ काउंसलिंग आज से शुरू होने वाली थी।

11 जून को सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर NEET काउंसलिंग पर रोक लगाने की मांग की गई थी। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस असदुद्दीन ने सुनवाई के बाद काउंसलिंग पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद 20 जून को एक और याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस विक्रम नाथ की बेंच ने NEET काउंसलिंग पर रोक लगाने से दोबारा इनकार किया था।

काउंसलिंग से मिलता है MBBS, MDS कोर्सेज में दाखिला
NEET UG की रैंक के आधार पर MBBS और BDS जैसे मेडिकल कोर्सेस में दाखिला ले सकते हैं।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने 4 जून को NEET UG का रिजल्ट घोषित किया था। 67 टॉपर्स सहित कुल 13.16 लाख स्टूडेंट्स ने मेडिकल की प्रवेश परीक्षा पास की। फिर ग्रेस मार्क्स पाने वाले 1563 कैंडिडेट्स का 23 जून को रीएग्जाम कराया गया।

संशोधित रिजल्ट जारी होने के NEET UG टॉपरों की संख्या 67 से घटकर 61 हो गई है।

5 चरणों में होती है काउंसलिंग
NEET UG काउंसलिंग प्रक्रिया में कई चरणों में होती है। इसमें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, ऑप्शन भरना और लॉक करना, सीट एलॉटमेंट और आखिर में एलॉटेड कॉलेज में रिपोर्ट करना शामिल है। इस पूरी प्रक्रिया में स्टूडेंट्स को कई डॉक्यूमेंट्स की भी जरूरत होती है।

8 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी
NEET पेपर लीक, परीक्षा में हुईं गड़बड़ियों और ग्रेस मार्क्स के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई सभी 26 याचिकाओं पर 8 जुलाई को सुनवाई होगी। इसमें से 22 याचिकाएं स्टूडेंट्स, टीचर्स, कोचिंग इंस्टीट्यूट और वेलफेयर एसोशिएशन की तरफ से दायर की गई हैं। वहीं 4 याचिकाएं नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तरफ से दायर हुई हैं।

इसके अलावा, ReNEET के खिलाफ गुजरात के 56 स्टूडेंट्स ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है। स्टूडेंट्स का कहना है कि ज्यादातर ने दो साल की कड़ी मेहनत और 100% लगन के साथ एग्जाम दिया था। ऐसे में दोबारा NEET एग्जाम कराना स्टूडेंट्स के हित में नहीं है। ये आर्टिकल 14 और 21A के तहत उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है।

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