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National Cake Day: आम सी दिखने वाली ब्रेड कैसे बनी केक? अमीर लोग ही इसे क्यों खाते थे?
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किसी को पाइनएप्पल केक पसंद है तो किसी को चॉकलेट केक. केक हर खास मौके की शोभा को बढ़ाता है. जन्मदिन केक के बिना हमेशा अधूरा लगता है. इसी तरह क्रिसमस, न्यू ईयर, एनिवर्सरी, मदर्स डे, फादर्स डे, वेडिंग लगभग हर ओकेजन पर केक कटिंग सेरेमनी होती है. केक एक तरह की मिठाई है जो पश्चिम देशों से भारत पहुंची. भारत में पहले अच्छे मौकों पर घर में हलवा या खीर बनती थी लेकिन धीरे-धीरे केक ने यह जगह ले ली. 26 नवंबर को राष्ट्रीय केक दिवस है. जानते हैं कि केक कैसे हुआ पॉपुलर.
केक पहले कहलाता था सतुरा
केक का इतिहास बहुत पुराना है. यूरोप के स्कैंडिनेविया में रहने वाले लोगों को नॉर्स या वाइकिंग कहा जाता है. यह लोग समुद्री डाक या खोजयात्री बनकर दूसरे देशो में जाकर बस जाते थे. इन्हीं लोगों ने केक का नामकरण किया. तब इसे काका कहा जाता था. बेकिंग लगभग 8 हजार साल पहले शुरू हुई थी. जब से बेकिंग शुरू हुई तब से केक भी बनने लगे लेकिन तब इसे खमीर की रोटी समझा जाता था. प्राचीन यूनान में इसका नाम प्लाकू हो गया. प्राचीन रोम में केक को प्लेसेंटा कहते थे. इंग्लैंड में इसका नाम केक पड़ा. शुरुआत में केक ब्रेड की ही कैटेगरी में आता था लेकिन स्पेन में स्पंजी केक बनने की शुरुआत हुई.
केक बना अमीरों की डिश
पुराने जमाने में लोग तंदूर को ही ओवन की तरह बेकिंग के लिए इस्तेमाल करते थे. तंदूर केवल अमीरों के घर होता था और जो केक बाहर बनते थे, वह महंगे होते थे इसलिए इसे अमीर लोग ही खाते थे. इन केक्स में दालचीनी, केसर, ड्राईफ्रूट डाला जाता था. पहले केक खमीर से बनते थे इसलिए इसे बनाने में 1 दिन लग जाता था. हालांकि यह केक नरम नहीं होते थे. 1856 में जब बेकिंग पाउडर का आविष्कार हुआ तो इन्हें केक में डालना शुरू हुआ. इससे केक सॉफ्ट और स्पंजी बनने लगे.
पुराने जमाने में केक दोनों तरफ से सपाट ब्रेड की तरह दिखता था (Image-Canva)
बर्थडे पर क्यों काटा जाता है केक
प्राचीन रोम में केक को केवल शादी के मौके पर काटा जाता था लेकिन 15वीं शताब्दी में जर्मनी की बेकरी ने बाजार में बर्थडे को मनाने के लिए सिंगल लेयर केक डिजाइन किया. धीरे-धीरे केक वेडिंग के अलावा जन्मदिन पर भी कटना शुरू हो गया. भारत में केक काटने का चलन अंग्रेजों के आने के बाद शुरू हुआ.
केक के ऊपर कैंडल्स क्यों लगाई गईं
प्राचीन यूनान से केक के ऊपर कैंडल लगाकर बुझाने का चलन शुरू हुआ. मोमबत्तियों को ग्रीक देवी अर्टेमिस का प्रतीक माना गया. वहीं, स्विट्जरलैंड में 1881 में उम्र के हिसाब से कैंडल्स बूझाने का ट्रेंड शुरू हुआ. केक के ऊपर मोमबत्ती जलाने के पीछे यूरोप के लोगों की सोच है कि इससे व्यक्ति बुरी नजरों से बचकर रहता है.
भारत में 1883 में बना पहला केक
भारत में सबसे पहला केक नवंबर 1883 में बना था. इसे केरल के थालास्सेरी में रहने वाले चाय, चीनी और दूध के व्यापारी मामबली बापू ने तैयार किया. यह केक उन्होंने अपनी फैक्ट्री रॉयल बिस्किट में तैयार किया. दरअसल यह केक एक चैलेंज का नतीजा था. ब्रिटिश बगान के मालिक मर्डोक ब्राउन ने उन्हें चुनौती थी कि वह ठीक उसी तरह का केक चाहते हैं जो वह इंग्लैंड से लेकर आए थे. इस चैलेंज को स्वीकार करने के साथ ही भारत में केक बनने का सिलसिला शुरू हुआ.
रेड वेलवेट केक बदला लेने के लिए बना
रेड वेल्वेट केक के पीछे एक बदले की भावना जुड़ी हुई है. अमेरिका में एक महिला ने रेस्टोरेंट में रेड वेलवेट केक ऑर्डर किया. उसे वह केक बहुत पसंद आया. जब उसने इसकी रेसिपी पूछी तो उससे 100 डॉलर लिए गए. तब यह रॉयल केक माना जाता था. इस बात पर महिला को खूब गुस्सा आया और उसने बदला लेने के लिए इसकी रेसिपी को हर जगह बांट दिया था.
कप केक की शुरुआत 1828 में हुई (Image-Canva)
केक और हस्बैंड का कनेक्शन
17वीं शताब्दी में इंग्लैंड के लोगों का मानना था कि अगर कोई कुंवारी लड़की तकिए के नीचे फ्रूट केक रखकर सोती है तो उसे अपने मंगेतर के अच्छे सपने आते हैं. वहीं, अमेरिका में माना जाता था कि जो लड़कियां ऐसा करती हैं, उन्हें हैंडसम हस्बैंड मिलते हैं.
घर पर ऐसे बनाएं केक
शेफ आशिता भारद्वाज कहती हैं कि केक बनाने के लिए मैदा, सूजी या बेसन का इस्तेमाल कर सकते हैं. एक बर्तन में मैदा को भिगोकर रखें. पानी निकालने के बाद थोड़ा आटा, चीनी, बटर और इनो या बेकिंग पाउडर डाल दें। थोड़ा सा वैनिला एसेंस भी इस्तेमाल करें. इसमें एग डाले. जो लोग अंडा नहीं खाते, वह दही मिला सकते हैं. सभी सामग्री को अच्छे से मिला लें. अब ओवन को प्रीहीट कर लें. जिस चीज में केक को बेक कर रहे हैं उसमें बटर लगा दें और बैटर को फैला लें. अब ओवन में 350°F तक टेंपरेचर सेट करने इसे 25 मिनट के लिए बेक करें. वहीं, जो लोग कुकर में केक बनाना चाहते हैं, वह भी कुकर में पहले बटर लगा लें. फिर केक टिन को डाले. कुकर से सीटी निकालकर उसे ढक दें. भाप से केक तैयार हो जाएगा.
टैग: जन्मदिन विशेष, यूरोपीय संघ, खाना, भोजन विधि, संयुक्त राज्य अमेरिका, सफेद डबलरोटी
पहले प्रकाशित : 27 नवंबर, 2024, 11:32 IST
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