The best discounts this week
Every week you can find the best discounts here.
Pro-Ethic Style Developer Men’s Silk Kurta Pajama Set Wedding & Festive Indian Ethnic Wear (A-101)
Uri and MacKenzie Men’s Silk Blend Kurta Pyjama with Stylish Embroidered Ethnic Jacket
Rozhub Naturals Aloe Vera & Basil Handmade Soaps, 100 Gm (Pack Of 4)
Titan Ladies Neo-Ii Analog Rose Gold Dial Women’s Watch-NL2480KM01
BINSBARRY Humidifier for Room Moisture, Aroma Diffuser for Home, Mist Maker, Cool Mist Humidifier, Small Quiet Air Humidifier, Ultrasonic Essential Oil Diffuser Electric (Multicolour)
Fashion2wear Women’s Georgette Floral Digital Print Short Sleeve Full-Length Fit & Flare Long Gown Dress for Girls (LN-X9TQ-MN1D)
साधु, संतों को क्यों दी जाती है समाधि, क्या है इस तरह अंतिम संस्कार करने की वजह, जानें क्यों नहीं होता दाह संस्कार?
[ad_1]
आखरी अपडेट:19 फरवरी, 2025, 06:46 IST
Why Samadhi Given To Sadhu Sant : साधु-संतों की मृत्यु के बाद उनका समाधि में समर्पण उनका जीवन का अंतिम संस्कार होता है. यह प्रथा उनकी तपस्या, मोक्ष के मार्ग और प्रकृति के साथ एकात्मता के प्रतीक के रूप में आयोजि…और पढ़ें
साधु-संतों का दाह संस्कार क्यों नहीं होता?
हाइलाइट्स
- साधु-संतों का दाह संस्कार नहीं, समाधि दी जाती है.
- समाधि से साधु का शरीर प्रकृति में समाहित होता है.
- मृत्यु के बाद 16 दिन का विशेष क्रियाक्रम होता है.
साधु संत को क्यों दिया गया समाधि: भारतीय संस्कृति में साधु और संतों को बहुत सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है. वे अपने जीवन को तपस्या, साधना और प्रभु के साक्षात्कार के लिए समर्पित कर देते हैं. इनकी मृत्यु के बाद, इनके अंतिम संस्कार का तरीका आम व्यक्ति से भिन्न होता है. साधु-संतों का दाह संस्कार नहीं किया जाता, बल्कि उन्हें समाधि दी जाती है. आइए, जानते हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा से कि साधु-संतों का अंतिम संस्कार इतना खास क्यों होता है और समाधि की प्रक्रिया के पीछे का कारण क्या है.
साधु-संतों का दाह संस्कार क्यों नहीं होता?
साधु और संत अपना जीवन भौतिक सुखों से परे, केवल आत्मिक उन्नति के लिए बिताते हैं. वे जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त होने के लिए तपस्या करते हैं. शास्त्रों के अनुसार, इनका शरीर केवल आत्मा का एक अस्थायी घर होता है. जब एक साधु या संत की मृत्यु होती है, तो उनका शरीर दाह संस्कार के लिए उपयुक्त नहीं होता, क्योंकि वे पहले ही मोक्ष की स्थिति को प्राप्त कर चुके होते हैं. उनके लिए, मृत्यु के बाद शरीर का त्याग केवल एक कर्मकांड का हिस्सा होता है, जिसे वे समाधि के रूप में पूरा करते हैं.
यह भी पढ़ें – अच्छे लीडर और बुद्धिमान होते हैं पहले, दूसरे पहर में जन्मे जातक, हर क्षेत्र में पाते हैं सफलता, लेकिन यहां झेलनी पड़ती है परेशानी!
समाधि दी जाने वाली प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह होता है कि साधु का शरीर पूरी तरह से प्रकृति में समाहित हो जाए. साधु के शरीर को जमीन में गाढ़ दिया जाता है, जिससे उनका शरीर प्राकृतिक रूप से पृथ्वी में मिलकर समाप्त हो जाता है. इस प्रक्रिया को समाधि कहा जाता है और यह उन्हें आत्मा के स्तर पर मोक्ष की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करती है.
साधु-संतों का क्रियाक्रम
जब एक साधु या संत की मृत्यु होती है, तो उसके लिए अलग से एक 16 दिन का विशेष क्रियाक्रम होता है, जिसे ‘सोलसी’ कहा जाता है. यह समय अवधि साधु के शरीर और आत्मा के संतुलन को ध्यान में रखते हुए निर्धारित की जाती है. इस दौरान, गोदड़ अखाड़ा के साधु-संत मृतक साधु के शरीर पर भोग अर्पित करते हैं और विभिन्न विधियों के माध्यम से शांति का प्रयास करते हैं. इन 16 दिनों में मृतक साधु के शिष्य और अन्य भक्त उस क्रियाक्रम को पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ करते हैं.
यह भी पढ़ें – Premanand Ji Maharaj: क्या सच में शादी के बाद माता-पिता को बेटी के घर का पानी नहीं पीना चाहिए? जानें क्या कहते हैं प्रेमानंद जी महाराज?
समाधि के बाद का भंडारा
16 दिन की प्रक्रिया के बाद, संत के शिष्य अंतिम समय में एक भंडारा आयोजित करते हैं, जिसमें समाज के लोग शामिल होते हैं और मृतक संत की पुण्यात्मा के लिए आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. इस तरह, साधु-संतों का अंतिम संस्कार न केवल उनके आत्मिक उन्नति के प्रतीक होता है, बल्कि यह उनकी शिक्षा और जीवन के उद्देश्य को भी समर्पित करने का एक तरीका होता है.
19 फरवरी, 2025, 06:46 IST
साधु, संतों को क्यों दी जाती है समाधि, क्या है ऐसे अंतिम संस्कार करने की वजह?
[ad_2]
Related
Recent Posts
- हॉकी इंडिया ने सीनियर वूमेन नेशनल चैम्पियनशिप में पदोन्नति और आरोप प्रणाली का परिचय दिया
- देखो | तमिलनाडु के लोक कला का खजाना: कन्यान कूथु के अभिभावकों की कहानी
- मर्सिडीज मेबैक के वर्ग मूल्य में लक्जरी आराम और प्रदर्शन – परिचय में शामिल हैं
- यहाँ क्या ट्रम्प, ज़ेलेंस्की और वेंस ने ओवल ऑफिस में गर्म तर्क के दौरान कहा था
- बटलर ने इंग्लैंड के व्हाइट-बॉल कप्तान के रूप में इस्तीफा दे दिया






