संभल हिंसा: चौथी बार न्यायिक आयोग की टीम ने शुरू की कार्रवाई, अफसर और पीड़ित पहुंचे बयान दर्ज करवाने

संभल हिंसा: चौथी बार न्यायिक आयोग की टीम ने शुरू की कार्रवाई, अफसर और पीड़ित पहुंचे बयान दर्ज करवाने

[ad_1]

संभल पहुंचा न्यायिक आयोग
– फोटो : संवाद

विस्तार


जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग की टीम चौथी बार शहर पहुंची। आयोग से जुड़े पदाधिकारी शुक्रवार को संभल के पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में लोगों और अफसरों के बयान दर्ज कर रहे हैं। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन भी गेस्ट हाउस पहुंचे।

ट्रेंडिंग वीडियो

आयोग के सदस्य शनिवार को भी जिले में रहेंगे और बवाल के दौरान तैनात पुलिस प्रशासन, गवाहों और अन्य संबंधित पक्षों के बयान दर्ज करेंगे। इससे पहले भी आयोग तीन बार संभल आकर जांच कर चुका है। गौरतलब है कि 24 नवंबर को जामा मस्जिद में हुए सर्वे के दौरान हिंसा भड़क गई थी।

इस घटना में पांच लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 29 पुलिसकर्मी और कई अन्य लोग घायल हो गए थे। उपद्रवियों ने पुलिस पर फायरिंग की थी और आगजनी व तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आई थीं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी।

इस घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया था। इसमें रिटायर्ड जज देवेंद्र अरोड़ा को अध्यक्ष बनाया गया। उनके साथ रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी और पूर्व डीजीपी एके जैन तथा रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अमित मोहन प्रसाद सदस्य के रूप में शामिल हैं।

आयोग की टीम सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। इसका उद्देश्य बवाल के कारणों, दोषियों की भूमिका और प्रशासन की कार्रवाई की विस्तृत पड़ताल करना है।

[ad_2]