रमलू हत्याकांडः अपनी ही ‘मौत’ की कहानी लिखने वाले शातिर राममेहर को उम्रकैद

रमलू हत्याकांडः अपनी ही ‘मौत’ की कहानी लिखने वाले शातिर राममेहर को उम्रकैद

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आखरी अपडेट:01 मार्च, 2025, 07:01 है

Hisar Crime: हिसार में बीमा राशि हड़पने के लिए खुद को मरा दिखाने वाले राममेहर को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई. उसने रमलू की हत्या कर उसे जला दिया था.

6 अक्टूबर 2020 को हांसी के महजत-भाटला रोड पर पुलिस को एक व्यक्ति के कार में जिंदा जलने की सूचना मिली थी.

हाइलाइट्स

  • बीमा राशि हड़पने के लिए राममेहर को उम्रकैद की सजा मिली.
  • रमलू की हत्या कर खुद को मरा दिखाने की योजना बनाई थी.
  • कोर्ट ने रमलू के परिवार को मुआवजा देने का आदेश दिया.

हिसार. हरियाणा के हिसार में 1.41 करोड़ की बीमा राशि हड़पने के लिए खुद को मरा दिखाने वाले व्यक्ति को शुक्रवार को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई. राममेहर नाम के व्यक्ति ने 6 अक्टूबर 2020 को खुद के जैसे दिखने वाले रमलू का गला रेत दिया था. इसके बाद उसे कार में बंद कर जिंदा जला दिया. एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज (ADJ) गगनदीप मित्तल की कोर्ट ने राममेहर के साथ हत्या की प्लानिंग में शामिल महिला रानी और सुनीता को अंडर गोन (जितनी सजा काट ली उसी में सजा) कर दिया है. साथ ही कोर्ट ने रमलू के परिवार को मुआवजा देने का भी आदेश दिया. मुआवजे की राशि डिस्ट्रिक लीगल सर्विसिस अथॉरिटी (DLSA) तय करेगी. रमलू के परिवार के सदस्यों ने राममेहर को फांसी की सजा की मांग की थी. उनका कहना था कि जघन्य अपराध को देखते हुए राममेहर को सजा-ए-मौत दी जाए, क्योंकि राममेहर ने बड़ी चालाकी और योजना के तहत हत्याकांड को अंजाम दिया.

दरअसल, 6 अक्टूबर 2020 को हांसी के महजत-भाटला रोड पर पुलिस को एक व्यक्ति के कार में जिंदा जलने की सूचना मिली थी. पुलिस जब मौके पर पहुंची तो कार जल रही थी और उसमें ड्राइवर सीट के बगल में बैठा व्यक्ति कंकाल बन चुका था. कार की नंबर प्लेट के आधार पर जले व्यक्ति की शिनाख्त डेटा गांव के राममेहर के रूप में हुई. हत्या के करीब एक सप्ताह बाद ही हांसी पुलिस ने इस मामले में खुलासा कर दिया था कि गांव के ही व्यापारी राममेहर ने बीमा राशि हड़पने के लिए अपने ही नाम के राममेहर उर्फ रमलू की हत्या की. हांसी पुलिस ने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से राममेहर को गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस ने बताया था कि राममेहर ने किसानी छोड़कर डिस्पोजल की फैक्ट्री लगाई. कोरोना काल में लगे लॉकडाउन की वजह से फैक्ट्री बंद हो गई. इसके बाद डिस्पोजल के रॉ मटीरियल की फैक्ट्री लगाई. इस दौरान उस पर PNB और SBI बैंक से करीब डेढ़ करोड़ रुपए के लोन के अलावा भी लाखों रुपए का कर्ज था. 10वीं पास राममेहर जल्द अमीर बनना चाहता था. इसलिए उसने गांव में अपने जैसे दिखने वाले रमलू की हत्या की प्लानिंग की.

राममेहर को 6 अक्टूबर 2020 की शाम को डेटा गांव में रमलू शराब पीते हुए मिल गया. राममेहर ने उसे अपनी गाड़ी में बैठा लिया और फिर दोनों ने एक साथ आसपास की सड़कों पर घूमते हुए शराब पी. रात करीब 9 बजे भाटला-महजत रोड पर पहुंचे और यहां भी शराब पी. शराब के नशे में राममेहर के दिमाग में आया कि रमलू की हत्या कर खुद की मौत साबित कर दूं. राममेहर जानता था कि रमलू एक-एक हफ्ते तक घर नहीं जाता था. उसके परिवार को भी उसकी चिंता नहीं थी.

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रमलू हत्याकांडः अपनी ही ‘मौत’ की कहानी लिखने वाले शातिर राममेहर को उम्रकैद

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