मर्दों को औरतों से कहीं ज्‍यादा होता है Breakup का दर्द, हैरान कर देगी ये नई र‍िसर्च

मर्दों को औरतों से कहीं ज्‍यादा होता है Breakup का दर्द, हैरान कर देगी ये नई र‍िसर्च

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आखरी अपडेट:29 जनवरी, 2025, 15:49 है

Behavioural and Brain Sciences में छपी एक स्‍टडी के अनुसार, ब्रेकअप के बाद पुरुषों को महिलाओं से ज्यादा भावनात्मक और मानसिक परेशानी होती है. इस स्‍टडी का दावा है कि पुरुष रोमांटिक भी खूब होते हैं.

जब र‍िश्‍ता टूटता है तो पुरुषों को फर्क भी ज्‍यादा पड़ता है

‘हम को उन से वफ़ा की है उम्मीद, जो नहीं जानते वफ़ा क्या है…’ म‍िर्जा गाल‍िब की ये शायरी हर द‍िल-टूटे आशिक का दर्द बयां करती है. आदमी हो या फिर औरत, प्‍यार में नाकामयाबी और द‍िल टूटने का दर्द एक ऐसा दर्द है, जो हर क‍िसी को तोड़कर रख देता है. हालांकि जब भी भावनाओं की बात आती है तो मह‍िलाओं को अध‍िक संवेदनशील माना जाता है. लेकिन द‍िल टूटने यानी Breakup का के मामले में ऐसा नहीं है. आम तौर पर यह माना जाता है कि महिलाएं रिश्ते में ज्यादा भावनात्मक रूप से जुड़ी होती हैं. तो ऐसे में जब र‍िश्‍ता टूटता है तो फर्क भी उन्‍हें ही ज्‍यादा पड़ता है और पुरुषों को भावनात्मक रूप से प्रभावित नहीं माना जाता.

Breakup से टूट जाते हैं मर्द

अक्‍सर ये माना जाता है कि र‍िश्‍ता टूटने के बाद मर्द जल्‍दी आगे बढ़ जाते हैं. लेकिन Behavioural and Brain Sciences में छपी एक स्‍टडी की मानें तो ये धारणा सही नहीं है. इस स्‍टडी की मानें तो पुरुषों को ब्रेकअप के बाद ज्‍यादा भावनात्मक और मानसिक परेशानी होती है. इस अध्ययन में पाया गया कि पुरुष किसी हद तक रोमांटिक रिश्ते पर अधिक निर्भर होते हैं. वे अपनी पार्टनर से इमोशनल सपोर्ट और इंटीमेसी की उम्मीद करते हैं. वहीं र‍िश्‍ता खत्‍म होने पर महिलाएं, पुरुषों के मुकाबले कम प्रभावित होती हैं. क्योंकि उनके पास दोस्तों और परिवार का मजबूत सपोर्ट स‍िस्‍टम होता है. महिलाएं अपनी भावनाओं के बारे में ज्‍यादा खुलकर बात कर पाती हैं.

मर्दों की बात करें तो उनके पास ऐसा सपोर्ट स‍िस्‍टम नहीं होता, क्योंकि उन्हें भावनाओं को दबाने और आत्मनिर्भर रहने की आदत डाली जाती है. समाज में पुरुषों से यह उम्मीद की जाती है कि वे अपनी भावनाओं को दबाए रखें और इमोशनल सपोर्ट लेने की उन्‍हें जरूरत नहीं है. यही वजह है कि जब रिश्ता खत्म होता है, तो पुरुषों को अकेले ही उस टूटन को संभालना पड़ता है, जिससे मानसिक बोझ और भी बढ़ जाता है.

आपकी उम्‍मीद से ज्‍यादा रोमांट‍िक होते हैं पुरुष

अक्‍सर मह‍िलाओं की ये श‍िकायत होती है कि उनके पार्टनर रोमांट‍िक नहीं हैं. जबकि इस स्‍टडी का दावा है कि पुरुष रोमांटिक होते हैं. पुरुष रिश्तों में महिलाओं से ज्यादा प्रेरित होते हैं. साथ ही ‘पहली नजर में प्यार’ जैसा कॉन्‍सेप्‍ट भी मर्दों के लि‍ए खूब काम करता है. पुरुष जल्दी प्यार में पड़ते हैं और रिश्तों को अपने जीवन का अहम हिस्सा मानते हैं. स्‍टडी की मानें तो क‍िसी र‍िश्‍ते में रहना पुरुषों के लि‍ए ज्‍यादा फायदेमंद होता है, क्‍योंकि इससे वे कम तनाव में रहते हैं और उनकी ओवरऑल हेल्‍थ भी बेहतर रहती है. इस स्‍टडी में ये भी पाया गया है कि पुरुष कम ब्रेकअप या तलाक शुरू करते हैं. लगभग 70% तलाक महिलाएं र‍िश्‍ता तोड़ने का फैसला लेती हैं. महिलाएं ब्रेकअप को खुद को खोजने और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने का एक अवसर मानती हैं, लेकिन पुरुष इसे खुद के लिए एक चुनौती मानते हैं.

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मर्दों को औरतों से ज्‍यादा होता है Breakup का दर्द, हैरान कर देगी ये स्‍टडी

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