बोर्ड एग्जाम्स के दौरान सैनिटरी पैड और रेस्टरूम जरूरी: शिक्षा मंत्रालय की स्कूलों को एडवाइजरी; पीरियड्स में एग्जाम पर असर नहीं पड़ना चाहिए

बोर्ड एग्जाम्स के दौरान सैनिटरी पैड और रेस्टरूम जरूरी:  शिक्षा मंत्रालय की स्कूलों को एडवाइजरी; पीरियड्स में एग्जाम पर असर नहीं पड़ना चाहिए

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35 मिनट पहले

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मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन के तहत आने वाले डिपार्टमेंट ऑफ स्कूल एजुकेशन एंड लिटरेसी ने बोर्ड एग्जाम के दौरान स्कूलों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि 10वीं और 12वीं बोर्ड एग्जाम्स के दौरान जिन गर्ल्स स्टूडेंट्स को पीरियड्स हों उनके लिए फ्री सैनेटरी नैपकिन रखे जाने चाहिए। इसके अलावा, एग्जाम के दौरान उन्हें जरूरत पड़ने पर ब्रेक मिलना चाहिए और एग्जामिनेशन सेंटर्स पर रेस्टरूम होने चाहिए।

जारी एडवाइजरी में कहा गया है, कि पीरियड के दौरान हाईजीन मैनेजमेंट किसी भी लड़की के बेहद जरूरी है और यह उसके एकेडमिक परफॉरमेंस के रास्ते में आड़े नहीं आना चाहिए।

राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के सभी स्कूलों मिली एडवाइजरी
यह एडवाइजरी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के सभी स्कूलों, सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन, केंद्रीय विद्यालय संगठन और नवोदय विद्यालय समिति को एडवाइजरी जारी किया है।

स्कूलों को दिए 3 निर्देश –

सैनिटरी पैड की व्यवस्था :
सभी 10वीं और 12वीं बोर्ड एग्जामिनेशन सेंटर्स पर सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने होंगे। जरूरत पड़ने पर लड़कियों के एग्जाम के दौरान फ्री पैड्स दिए जाएं।

रेस्टरूम ब्रेक :
गर्ल्स स्टूडेंट्स को पीरियड्स की जरूरत पड़ने पर ब्रेक मिलना चाहिए। इसके रेस्टरूम की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि एग्जाम के दौरान फोकस न बिगड़े।

जागरूकता कार्यक्रम :
स्टूडेंट्स, टीचर्स और एम्पलॉईज के बीच पीरियड्स हेल्थ और हाईजीन के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एजुकेशनल प्रोग्राम शुरू किया जाना चाहिए। इस अप्रोच का उद्देश्य पीरियड्स के बारे में लोगों में जो गलत सोच है उसको कम करना और बेहतर समझ डेवलप करना है।

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