‘पूरी जवानी चली गई, अब दुख नहीं होता’, ‘काम म‍िलेगा’ कहकर भतीजी को ही बाजार में ‘बेच’ गया सगा चाचा…

‘पूरी जवानी चली गई, अब दुख नहीं होता’, ‘काम म‍िलेगा’ कहकर भतीजी को ही बाजार में ‘बेच’ गया सगा चाचा…

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सेक्स वर्कर जिसे उसके ही चाचा ने बेच दिया: कहते हैं, प‍िता का साया जब तक स‍िर पर हो, दुनिया की हर धूप से बच्‍चे महफूज रहते हैं. लेकिन जब प‍िता का ये ही साया उठ जाए तो कई र‍िश्‍तों के स्‍याह-काले चहरे सामने आ जाते हैं. ऐसा हुआ एक मह‍िला के साथ, जब पिता की मौत के बाद उसका सगा चाचा ही उसे ज‍िस्‍मफरोशी के धंधे में धकेलकर चला गया. ये कहानी है सेक्‍स वर्कर Roxy की, जो 15 साल से ये काम करते हुए भी बच्‍चों को अंग्रेजी भी पढ़ाती हैं. Roxy से अपनी मुलाकात की कहानी सोशल मीड‍िया इंफ्लूएंजर और एक्‍टर अनीष भगत ने अपने इंस्टाग्राम पर शेयर की है. अनीष भगत, ऐसे इंफ्लूएंजर हैं जो अक्‍सर समाज के कई जरूरतमंदों के साथ समय ब‍िताते हैं और उन्‍हें छोटी-छोटी खुश‍ियां बांटते हैं.

अनीष ने अपने इंस्‍टाग्राम पर एक ताजा वीड‍ियो शेयर क‍िया है, ज‍िसमें वह भारत के सबसे कुख्‍यात रेड लाइट एरिया में अपनी फॉलोअर Roxy से म‍िलने पहुंचे, जो पेशे से एक सेक्‍स वर्कर हैं. भगत ने न केवल रॉक्‍सी के साथ एक पूरा द‍िन बताया बल्‍कि उन्‍हें Sushi ख‍िलाने भी ले गए. अनीष के इस वीड‍ियो को सोशल मीड‍िया पर खूब पसंद क‍िया जा रहा है और इस वीड‍ियो को अभी तक 18.4 म‍िलि‍यन व्‍यू मिल चुके हैं. वीड‍ियो में रॉक्‍सी अनीष से म‍िलती हैं और उन्‍हें अपने घर ले जाती हैं. वह कहती हैं, ‘ये मेरा कमरा है. यहां आजतक कोई नहीं आया है, तुम पहले हो.’ रॉक्‍सी के इस कमरे में एक दीवार पर चारों तरफ भगवान की तस्‍वीरें हैं. वह कहती हैं, ‘जब कोई नहीं होता है, ये पक्‍का होते हैं.’

रॉक्‍सी इस वीड‍ियो में अपनी कहानी बताती हैं, ‘चाचा लाए थे यहां पर. पापा की मौत के बाद. बोले थे काम म‍िलेगा. यहां मुझे बेचकर चला गया. 15 साल हो गए, जवानी भी चली गई. अब तो दुख भी चला गया.’ हालांकि ज‍िंदगी की इन हालातों ने उनके हौंसलों को कभी पस्‍त नहीं होने द‍िया. रॉक्‍सी इस सब के बीच भी क‍िताबें पढ़ने के ल‍िए समय न‍िकाल लेती हैं. वह आगे कहती हैं, ‘यहां रहकर मुझे औरतों का दर्द समझ आता है. हमारी ज‍िंदगी बर्बाद है. बलात्‍कार मत करो, हमारे पास आ जाओ.’

अपने इस वायरल वीड‍ियो के कैप्‍शन में अनीष ल‍िखते हैं, ‘रोक्सी दी के साथ पूरा दिन बिताना सचमुच आंखें खोलने वाला था. उनके आत्‍मव‍िश्‍वास और उनके ज्ञान ने मेरा द‍िल छू ल‍िया. वह यहां 15 साल से हैं, और अब उन्होंने अपनी खुद की जगह किराए पर ली है, जहां वह छोटे बच्चों को ट्यूशन देती हैं. वह अपनी बेटी को इस दुनिया से दूर रखती हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि उसे एक अंग्रेजी माध्यम स्कूल में अच्छी शिक्षा मिले. आज उनसे म‍िलने के बाद मैंने एक बाद सीखी कि क‍िसी को इज्‍जत देने के ल‍िए आपको उनकी कहानी जानने की जरूरत नहीं है. सम्‍मान व‍िशेषाध‍िकार नहीं बल्‍कि एक मौल‍िक अध‍िकार है.’

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