पूजा के समय शिवलिंग पर चढ़ाते हैं हल्दी? जान लें शास्त्रों में क्यों बताया है वर्जित, सावन में भूलकर भी न करें ये गलती

पूजा के समय शिवलिंग पर चढ़ाते हैं हल्दी? जान लें शास्त्रों में क्यों बताया है वर्जित, सावन में भूलकर भी न करें ये गलती

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हाइलाइट्स

शादी-ब्याह के साथ किसी भी शुभ अवसर की शुरुआत हल्दी तिलक के साथ होती है.ग्रह शांति और भगवान विष्णु की पूजा में भी इसका विशेष महत्व है.

Shivling Par Haldi Kyon Nahi Chadhate : भगवान शिव को महादेव, शंकर, भोलेनाथ और शिव आदि नामों से जाना जाता है. सप्ताह के पहले ही दिन सोमवार को उनकी भक्ति करना सबसे खास माना जाता है. इस दिन लोग व्रत रखते हैं और भोलेनाथ की कृपा पाने पूरे विधि विधान से पूजा करते हैं. वहीं श्रावण मास के दौरान यदि आप शिवभक्ति में लीन रहते हैं तो यह भोलेनाथ को प्रसन्न करने का सबसे अच्छा समय माना गया है. पूजा के दौरान भक्त शिवलिंग का अभिषेक करते हैं. कई प्रकार के फूल चढ़ाते हैं, दूध, दही, धतूरा आदि अर्पित करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि चाहे श्रावण मास में पूजा करें या सामान्य दिनों में, शिव पूजा के लिए कुछ नियम बनाए गए हैं, जिनका पालन करने से आपको शुभ फलों की प्राप्ति होती है. इन्हीं में से एक है शिवलिंग पर हल्दी ना चढ़ाना. इसका क्या कारण है, आइए जानते हैं भोपाल निवासी ज्योतिष आचार्य पंडित योगेश चौरे से.

पूजा में क्या है हल्दी का महत्व
आप सब ने पूजा के दौरान हल्दी का उपयोग देखा होगा, इसे शुभता के रूप में भी देखा जाता है. यह पवित्रता, समृद्धि और उर्वरता का प्रतीक भी है. यही कारण है कि शादी-ब्याह के साथ किसी भी शुभ अवसर की शुरुआत हल्दी तिलक के साथ होती है. साथ ही ग्रह शांति पूजा और भगवान विष्णु की पूजा में भी इसका विशेष महत्व है.

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शिवलिंग पर क्यों नहीं चढ़ाते हल्दी
हल्दी को उर्वरता और समृद्धि के साथ ही भौतिक और पारिवारिक खुशियों का प्रतीक माना जाता ​है. वहीं भगवान शिव का त्याग और सांसारिक इच्छाओं के प्रति आकर्षित न होने का स्वभाव है. उन्हें शरीर पर भस्म लगाए हुए देखा जाता है. ऐसा माना जाता है कि उन्हें भौतिकता से कोई लगाव नहीं है. महादेव की तपस्वी जीवन शैली से हल्दी का संबंध बिल्कुल विपरीत है. यही कारण है कि शिवजी को ​हल्दी नहीं चढ़ाई जाती.

वहीं वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हल्दी का संबंध गुरु बृहस्पति से है और इस ग्रह की ऊर्जा लाभकारी है लेकिन यह ऊर्जा भगवान शिव की ऊर्जा के अनुरूप नहीं होती, इसलिए भी शिव जी को हल्दी नहीं चढ़ाई जाती.

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शिवलिंग पर हल्दी चढ़ाने का कुप्रभाव
– यदि आप शिवलिंग पर हल्दी चढ़ाते हैं तो इसका नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता है.

– ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों की ऊर्जा के बेमेल होने से पता चलता है कि भगवान शिव को हल्दी चढ़ाने से असंतुलन पैदा हो सकता है.

– शिवलिंग पुरुष तत्व का प्रतीक है और हल्दी को सौंदर्य वस्तु के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए जब आप शिवलिंग को हल्दी अर्पित करते हैं तो इससे चंद्र कमजोर होता है.

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