पुराने केस में शिल्पा शेट्टी को बड़ी राहत, 1 खास सुमदाय की भावनाएं आहत करने का लगा था आरोप

पुराने केस में शिल्पा शेट्टी को बड़ी राहत, 1 खास सुमदाय की भावनाएं आहत करने का लगा था आरोप

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नई दिल्ली: शिल्पा शेट्टी को राहत देते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने एक्ट्रेस के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत दायर एक केस रद्द कर दिया है, जिसमें उन पर एक टीवी शो में जातिवादी गाली का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया था. 49 साल की एक्ट्रेस के खिलाफ 2017 में एक शिकायत दर्ज की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने 2013 के एक टीवी इंटरव्यू में ‘भंगी’ शब्द का इस्तेमाल किया था, जिसमें एक्टर सलमान खान भी मौजूद थे.

शिल्पा शेट्टी पर चुरू में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया गया था कि इस शब्द से कथित तौर पर वाल्मिकी समुदाय के लोगों की भावनाएं आहत हुई थीं. इसके बाद, एक्ट्रेस ने एफआईआर रद्द करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, शिल्पा शेट्टी के वकील प्रशांत पाटिल ने उच्च न्यायालय को बताया कि एक्ट्रेस पहले ही अपने बयान के लिए पब्लिक से माफी मांग चुकी हैं और उनके बयान को गलत तरीके से दिखाया गया था. हाईकोर्ट ने दलील को स्वीकार करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर रद्द कर दी.

जज अरुण मोंगा ने 18 नवंबर को याचिका पर सुनवाई की और कहा कि एफआईआर में ऐसा कोई सबूत नहीं है कि शिल्पा शेट्टी ने अपनी कमेंट से वाल्मिकी समुदाय का अपमान करना चाहा हो. अदालत ने यह भी कहा कि हालांकि ‘भंगी’ शब्द कुछ संदर्भों में आपत्तिजनक हो सकता है, लेकिन इसका इस्तेमाल अनजाने में या ‘वैकल्पिक रूप से बोलचाल की भाषा में’ भी किया जा सकता है. आपत्तिजनक शब्द पर आगे कहा गया कि यह संस्कृत शब्द ‘भंगा’ से लिया गया है, जिसका अर्थ शब्दकोशों के अनुसार ‘टूटा हुआ’ या ‘खंडित’ भी होता है. न्यायाधीश मोंगा ने यह भी कहा ‘एक अन्य संदर्भ में ‘भांगा’ का इस्तेमाल भांग या नशीले पदार्थों के लिए भी किया जाता है, इसलिए भांग का सेवन करने वाले को भी ‘भांगी’ कहा जा सकता है.

पहले प्रकाशित : 21 नवंबर, 2024, 10:42 अपराह्न IST

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