दीया कुमारी बोलीं-100 यूनिट फ्री बिजली मिलती रहेगी: कहा- पैसे की कोई कमी नहीं है, सभी घोषणाएं धरातल पर उतरेंगी – Jaipur News

दीया कुमारी बोलीं-100 यूनिट फ्री बिजली मिलती रहेगी:  कहा- पैसे की कोई कमी नहीं है, सभी घोषणाएं धरातल पर उतरेंगी – Jaipur News

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उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने बुधवार को सीएम भजनलाल सरकार का दूसरा पूर्ण बजट पेश किया। बजट में दीया कुमारी ने प्रधानमंत्री सौर ऊर्जा के लाभान्वितों को 150 यूनिट फ्री बिजली देने की घोषणा की। इससे नई बहस छिड़ गई है, कि क्या प्रदेश में पहले से मिल रही 1

वहीं बजट के बाद विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार के पास कर्मचारियों को सैलरी-पेंशन देने का पैसा भी नहीं है। सरकार बड़ी-बड़ी घोषणाएं करके केवल जनता को गुमराह करने का काम कर रही है।

इन तमाम सवालों के जवाब जानने के लिए हमने उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी से बात की।

सवाल- आपने कहा कि हमने ग्रीन बजट पेश किया है, यह ग्रीन बजट का कॉन्सेप्ट क्या है? दीया- देखिए ज्यादातर लोग तो ग्रीन बजट के कॉन्सेप्ट को समझ गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लंबे समय से इस पर काम कर रहे हैं। अब हम भी इसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ग्रीन रूट का मतलब है कि हम पर्यावरण के लिए लोगों को जागरूक करें। ज्यादा से ज्यादा एनवायरमेंट फ्रेंडली प्रैक्टिस को अपनाएं। इसमें हम हर विभाग को कैसे शामिल करें, इसका प्रावधान किया गया है।

आजकल सड़कों के निर्माण में भी बायो बिटुमेन का प्रयोग हो रहा है। ऐसे में हम कैसे उसका ज्यादा से ज्यादा उपयोग करें। हम जल संरक्षण की दिशा में काम कर सकते हैं। यह सारी चीज हैं, जो ग्रीन रूट में आती हैं।

लेकिन यह एफर्ट्स अकेले सरकार को ही नहीं करने हैं। नागरिकों की भी जिम्मेदारी है कि वे रिन्युएबल एनर्जी का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करें। हम इसे लेकर इंसेंटिव भी दे रहे हैं।

सवाल- आपने 150 यूनिट फ्री देने की घोषणा की, विपक्ष कह रहा है कि पहले से जो 100 यूनिट मिल रही है उसे बंद करने जा रहे हैं। दीया- देखिए 100 यूनिट तो जारी रहेगी। लेकिन हमारी कोशिश है कि धीरे-धीरे सोलर पर लोग ट्रांसफर हों।

सवाल- विपक्ष कह रहा है कि बजट में कर्मचारियों के हाथ खाली रहे, पेट्रोल-डीजल पर वेट कम नहीं हुआ। दीया- देखिए विपक्ष के जो सवाल हैं, उनका जवाब मैं सदन में दूंगी, जब रिप्लाई आएगा। अभी तो मैं यह कहूंगी कि हमारा जो बजट है, वह पूरी तरह से समावेशी है। बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। मुझे लगता है कि विपक्ष को तो बजट सुनने में भी ज्यादा इंटरेस्ट नहीं था। उनको शायद समझ में भी नहीं आया होगा कि हमने क्या-क्या घोषणाएं की हैं।

क्योंकि बहुत सारी चीज तो हमने टेबल की थी। कम से कम 20 पन्नों में सड़कों की घोषणा थी। 10 पेज स्वास्थ्य की घोषणाओं के थे। इसी तरह से 20 पेज पीएचईडी की घोषणाओं के थे। विपक्ष वाले तो जब घर जाकर पढ़ेंगे तो उन्हें समझ आएगा। फिर वे सवाल करें, जो वे करना चाहते हैं।

सवाल- सड़कों पर भी बजट में विशेष फोकस किया गया है दीया- देखिए हमें इनसे टूटी हुई सड़कें विरासत में मिली थी। उनकी रिपेयरिंग का काम तो हमारी प्राथमिकता में है। नॉन पेचेबल सड़कों के लिए हमने हर विधानसभा में 10-10 करोड़ और मरुस्थलीय क्षेत्र के लिए 15-15 करोड़ के बजट प्रावधान किया है। उनको हम प्राथमिकता से पहले सही करेंगे।

सवाल- विपक्ष कह रहा है कि आपके पास सैलरी-पेंशन देने का भी पैसा नहीं है, घोषणाएं कहां से पूरी करोगे? दीया- सब पैसा है हमारे पास। यह डबल इंजन की सरकार है, हमको केंद्र से पूरा सहयोग मिल रहा है, जो हमें आगे भी मिलता रहेगा। हमने जो पहला पूर्ण बजट पेश किया था, वो जुलाई में किया था,। विपक्ष को आप यह बता दीजिए। अभी तो सिर्फ फरवरी महीना ही चल रहा है। अभी बहुत समय बाकी है। विपक्ष इस बात की चिंता नहीं करें, यह चिंता हमारी है। हम पूर्ण रूप से राजस्थान की जनता को सब कुछ देंगे। प्रदेश की जनता को कोई परेशानी नहीं आएगी।

बजट से जुड़ी यह खबर भी पढ़े… 1. 150 यूनिट का फायदा किसे मिलेगा?:राजस्थान के बजट में सभी वर्गों पर फोकस, राजनीतिक चतुराई से खट्‌टा और नमकीन का भी टेस्ट​​​​​​​

वित्त मंत्री दीया कुमारी ने दूसरा पूर्ण बजट पेश किया। बजट कैसा है? सबसे बड़ा सवाल यही है। इसे आम आदमी की भाषा में समझते हैं। आम आदमी के जीवन में सबसे प्रिय भोजन और उसका स्वाद (टेस्ट) होता है। अगर टेस्ट की बात करें तो पांच प्रमुख स्वाद हैं। इस बजट में भी यही पांच स्वाद मीठा, तीखा, खट्‌टा, नमकीन और कड़वा शामिल हैं। हालांकि पिछले कुछ सालों की तरह इस बार भी बजट को स्वादिष्ट और गरिष्ठ बनाने की पूरी कोशिश की गई है, ताकि ये मनभावन नजर आ सके। ​​​​​​​ (पढ़ें पूरी खबर)

2. बजट घोषणाओं के लिए कहां से आएगा पैसा?:वेतन-पेंशन व कर्ज-खर्च में जा रही सरकार की 90 फीसदी कमाई, हर राजस्थानी पर 1 लाख का कर्ज

भजनलाल सरकार का दूसरा पूर्ण बजट 5 लाख 37 हजार करोड़ का है। यह पिछले बजट से करीब 12% ज्यादा है। लेकिन बजट के आकार के साथ-साथ राजस्थान पर कर्ज भी बढ़ता जा रहा है। साल 2020-21 में राज्य सरकार पर जो कर्ज 4 लाख करोड़ के करीब था वो बढ़कर 7 लाख करोड़ पार होने का अनुमान है।​​​​​​​ ​​​​​​​(पढ़ें पूरी खबर)

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