टैटू से कैसे जुड़े हैं इमोशन? क्या यह कोई मेंटल डिसऑर्डर है या प्यार जताने का तरीका? क्यों पुराने जमाने से पॉपुलर है यह आर्ट?

टैटू से कैसे जुड़े हैं इमोशन? क्या यह कोई मेंटल डिसऑर्डर है या प्यार जताने का तरीका? क्यों पुराने जमाने से पॉपुलर है यह आर्ट?

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प्रियंका चोपड़ा जोनस इन दिनों फ्रांस में वेकेशन मना रही हैं. उन्होंने इंस्टाग्राम पर निक जोनस और अपनी बेटी मालती के साथ कुछ फोटो शेयर कीं. एक फोटो में प्रियंका के हाथ पर मालती के फेस का टैटू बना दिखा. इससे पहले 2012 में प्रियंका ने अपने पिता के सम्मान में टैटू बनाया था. उन्होंने अपने हाथ में लिखवाया- ‘डैडीज लिटल गर्ल’. अपनी मां श्रीदेवी को खोने के बाद जाह्नवी कपूर ने उनकी याद में टैटू बनवाया, जिसमें लिखा है-आई लव यू माई लब्बू. वह अपनी मां को प्यार से लब्बू कहती थीं. वहीं, दुनिया के महान क्रिकेटर विराट कोहली ने अपने पिता प्रेम और मां सरोज का नाम हिंदी में लिखवाया. टैटू केवल इंक से उकेरे गए निशान या फोटो नहीं, बल्कि इमोशन होते हैं.

टैटू का पुराना नाम गोदना
टैटू पर रिसर्च कर चुकीं चेन्नई की आर्कियोलॉजिस्ट सहाना राव ने बताया कि टैटू आर्ट को पहले गोदना कहा जाता था. हमारे देश की जनजातियों के बीच गोदना आर्ट हजारों साल से चल रही है. गोदना आज भी उतनी पॉपुलर है जितना पहले था. इसमें इंक की बजाय काजल का इस्तेमाल होता है और मशीन की जगह हाथों से सुई चलाकर आकृतियां बनाई जाती हैं. इन जनजातियों की महिलाएं गोदना को ही अपना असली गहना मानती हैं. यह उनकी धार्मिक मान्यताओं से जुड़ा है इसलिए वह गोदना को लेकर भावुक भी होते हैं. उनका मानना है कि गोदना उनका वस्त्र है जो उन्हें ईश्वर ने दिया है.

मिस्र में भी मिले टैटू के सबूत
जनरल ऑफ आर्कियोलॉजिकल साइंस के अनुसार दुनिया में सबसे पुराने टैटू के सबूत मिस्र में मिले. ये टैटू करीब 5 हजार साल पुराने हैं. यहां महिलाएं हाथों पर एल और एस की आकृति बनती थीं जबकि पुरुष भेड़ या जंगली बैल बनाते. ऐसा कर वह ईश्वर से अपनी सलामती की दुआ करते थे. वहीं, जनरल ऑफ कल्चरल हैरिटेज में छपी रिपोर्ट के अनुसार 1991 में इटली के पास ग्लेशियर में एक व्यक्ति का ममी मिला. इसके शरीर पर 61 टैटू बने थे जो जियोमेट्रिक शेप के थे. इसे ओटजी द आइसमैन (otzi the iceman) का नाम दिया गया. स्टडी में पाया गया कि यह ममी लगभग 5300 साल पुराना है.

प्राचीन चीन में टैटू को ऐक्यूपंक्चर माना जाता था. (Image-Canva)

अपने परिजनों के टैटू करवाते हैं फ्रेम
टैटू से इतने इमोशन जुड़े हैं कि अमेरिका, कनाडा और इंग्लैंड के लोग अपने प्रियजनों को खोने के बाद उनकी बॉडी पर बने टैटू को फ्रेम कर अपने घर में सहेजकर रखते हैं. न्यूयार्क टाइम्स में छपे एक लेख के अनुसार ‘सेव माई इंक फॉरएवर’ नाम की कंपनी ऑर्डर मिलने के बाद कब्रिस्तान में अपने कर्मचारियों को भेजती है और शरीर के जिस जगह टैटू बना होता है, वहां की स्किन को निकालकर ओहायो भेजा जाता है. वहां इस स्किन को म्यूजियम में इस्तेमाल होने वाले खास तरह के कांच के फ्रेम में फिक्स किया जाता है. इस प्रोसेस में डेढ़ लाख रुपए का खर्चा आता है.

टैटू खोलते मन का भेद
दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल में मनोचिकित्सक डॉ. राजीव मेहता कहते हैं कि टैटू मन का भेद खोलते हैं. कुछ लोग इम्पल्सिव बिहेवियर डिसऑर्डर के शिकार होते हैं. वह इतने एग्रेसिव होते हैं कि उन्हें हर चीज तुरंत चाहिए. ऐसे लोग जब टैटू बनवाते हैं तो उन्हें खुशी मिलती है. यह टैटू मानसिक उलझनों से जुड़ी कहानी को बयान करते हैं. ऐसे लोगों में टैटू ‘फील गुड फैक्टर’ की तरह काम करते हैं. कुछ लोग टैटू शो ऑफ के लिए भी बनते हैं. ऐसे लोग अटेंशन चाहते हैं. वह चाहते हैं कि लोग उनका टैटू देख उनकी तारीफ करें. दरअसल ऐसे लोग हमेशा समाज में आकर्षण का केंद्र बने रहना चाहते हैं.

जिन लोगों की स्किन सेंसिटिव है या कोई स्किन प्रॉब्लम हो तो उन्हें टैटू से बचना चाहिए. (Image-Canva)

टैटू से समझें इंसान की पर्सनैलिटी
दिल्ली के टैटू आर्टिस्ट नीरज सिंह कहते हैं कि टैटू इंसान की सोच को दिखाते हैं. अगर किसी व्यक्ति ने टैटू बनवाया हुआ है तो टैटू देखकर ही उसकी पर्सनैलिटी का अंदाजा लगाया जा सकता है. जैसे अगर किसी ने चेहरे का टैटू बनवाया है तो वह अपनी फैमिली से बहुत प्यार करता है, कंपस बनवाया है तो वह अक्लमंद और घूमने का शौकीन है. अगर परी या प्रिंसेस जैसी आकृति है तो वह वुमन पावर और कॉन्फिडेंस को दिखाता है. पक्षी और तितली का टैटू दिखाता है कि व्यक्ति खुले विचारों का है और नई चीजें करना उसे पसंद है. शेर बनवाने का मतलब है कि वह आत्मविश्वास से भरा है और लोगों की मदद करने से पीछे नहीं रहता. ट्रोफी का मतलब है खुद को पसंद करना. वहीं, खोपड़ी, गन, जादूगर, चाकू जैसी आकृतियां इंसान की नेगेटिविटी को झलकाती हैं.

नकली तिल बनवाने का भी ट्रेंड
टैटू से केवल आकृतियां ही नहीं उकेरी जातीं बल्कि नकली तिल भी बनाए जाते हैं. आजकल लड़कियां अपनी खूबसूरती में चार चांद लगाने के लिए आर्टिफिशियल मोल बनवा रही हैं. इस सेमी परमानेंट ब्यूटी मार्क को बनाने में टैटू इंक का ही इस्तेमाल होता है जो 3 साल तक विजिबल रहते हैं. अधिकतर लड़कियां यह ब्यूटी मोल होंठों के ऊपर बनवाती हैं.

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