किसानों के लिए वरदान साबित हुई मावठ की बारिश,रबी की फसलों में बंपर पैदावार

किसानों के लिए वरदान साबित हुई मावठ की बारिश,रबी की फसलों में बंपर पैदावार

[ad_1]

एजेंसी:News18 राजस्थान

आखरी अपडेट:24 जनवरी, 2025, 08:35 है

Karauli News: किसान राधेश्याम सैनी का कहना है कि इस सीजन की मावठ की बारिश किसानों के लिए बहुत अच्छी साबित होने वाली है. सरसों में पानी देने का समय आया ही था कि तभी मावठ की बारिश हो गई. किसानों का कहना है कि बा…और पढ़ें

एक्स

मावठ की बारिश से फसलों में होंगी बंपर पैदावार

राजस्थान के करौली में मावठ की बारिश ने इस बार किसानों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है.सर्दी के मौसम में होने वाली मध्यम बारिश से इस बार किसानों को रबी की फसलों में बंपर पैदावार होने की उम्मीद है. करौली क्षेत्र के किसानों के अनुसार, मावठ की बारिश उनके लिए अमृत साबित हुई है.

इस साल सर्दी के सीजन में हुई मध्यम बारिश ने खासतौर पर सरसों, गेहूं और चने की फसलों की गुणवत्ता पर भी अच्छा प्रभाव डाला है. पिछले साल की तुलना में इस बार फसलों की बंपर पैदावार के साथ-साथ उनकी गुणवत्ता भी बेहतर रहने की संभावना है.

बारिश से फसलें होती हैं बेहतर
किसान राधेश्याम सैनी का कहना है कि इस सीजन की मावठ की बारिश किसानों के लिए बहुत अच्छी साबित होने वाली है. सरसों में पानी देने का समय आया ही था कि तभी मावठ की बारिश हो गई. किसानों का कहना है कि बारिश से फसल स्वतः ही अच्छी होती है. इसलिए इस बार सरसों, गेहूं और चना—रबी की ये तीनों फसलें अच्छी होंगी.

मावठ की बारिश से जमीन में नमी
किसानों का कहना है कि इस साल 20-25 साल बाद मावठ की इतनी अच्छी बारिश हुई है, जिससे जमीन की नमी और भी बढ़ गई है. इस साल के सर्दी के सीजन में करौली में दो बार अच्छी मावठ हुई है, जिससे जमीन में नमी की मात्रा काफी बढ़ गई है. इसलिए किसान इस साल रबी की फसलों में बंपर पैदावार की उम्मीद कर रहे हैं.

सिंचाई के पानी के बजाय बारिश से होती है बेहतर पैदावार
किसानों का कहना है कि उनके द्वारा सिंचाई के लिए पानी देने की तुलना में मावठ की बारिश से फसल की पैदावार बेहतर होती है. क्योंकि बारिश की वजह से जमीन पूरी तरह से भीग जाती है और उसमें नमी लंबे समय तक बनी रहती है. करौली क्षेत्र के किसान इस बार सरसों, गेहूं और चने की बंपर पैदावार की उम्मीद जता रहे हैं.

मावठ से होगी फसलों की पैदावार में वृद्धि
कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक वी. डी. शर्मा का कहना है कि इस बार करौली जिले में सरसों की फसल की बुवाई लगभग 1 लाख 11 हजार हेक्टेयर में हुई है.इसी तरह गेहूं की बुवाई 73 हजार हेक्टेयर में और चने की करीब 60 हजार हेक्टेयर में हुई है.शर्मा का कहना है कि इस बार मावठ की बारिश इन तीनों फसलों के लिए अमृत सिद्ध हो रही है.मावठ से निश्चित रूप से इन तीनों फसलों की पैदावार में वृद्धि होगी.

फसलों की स्थिति भी बेहतर
संयुक्त निदेशक वी. डी. शर्मा के मुताबिक, इस बार करौली क्षेत्र में रबी के सीजन में होने वाली सभी फसलों की स्थिति पिछले सालों की तुलना में बेहतर है.इस बार फसलों पर किसी भी प्रकार के कीट-रोग का खतरा नहीं है.यही कारण है कि गत वर्ष की तुलना में इस साल करौली जिले में रबी की फसलों की पैदावार में वृद्धि होने की उम्मीद है

गृहगृह

किसानों के लिए वरदान साबित हुई मावठ की बारिश,रबी की फसलों में बंपर पैदावार

[ad_2]