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कनाडाई मीडिया का दावा-निज्जर हत्याकांड में कोई जमानत नहीं: सभी आरोपी हिरासत में, 12 फरवरी को कोर्ट में पेशी, भारतीय मीडिया रिपोर्ट गलत – Jalandhar News
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कनाडा में निज्जर हत्या मामले में गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी।
आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की कनाडा में 2023 में हत्या के मामले में गिरफ्तार चार भारतीय आरोपियों को जमानत मिलने की बात गलत निकली है। कनाडा की सबसे बड़ी न्यूज एजेंसी सीबीसी न्यूज ने दावा किया है कि भारतीय मीडिया संस्थानों द्वारा प्रकाशित की गई सभी खबरें
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सीबीसी न्यूज द्वारा दावा किया गया है कि गुरुवार को भारत के कई मीडिया संस्थानों द्वारा दावा किया गया कि जून 2023 में सिख कनाडाई हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के आरोपी चार भारतीय नागरिकों को उनके खिलाफ मामला खत्म होने के बाद हिरासत से रिहा कर दिया गया है। खबर में सीबीसी ने कई भारतीय न्यूज एजेंसियों का नाम लेकर इसका दावा किया।
आगे कहा गया कि ये खबरें झूठी हैं। निज्जर के किसी भी आरोपी को हिरासत से नहीं छोड़ा गया है। बीसी अभियोजन सेवा की एन सेमोर के हवाले से सीबीसी न्यूज़ ने दावा किया है कि यह सच नहीं है कि चारों आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया गया है। चारों आरोपियों को हिरासत में हैं और वे अभी भी हिरासत में ही रहेंगे। अगली अदालती पेशी 11 फरवरी को एक प्रीट्रायल कॉन्फ्रेंस है और वे 12 फरवरी को भी अदालत में पेश होंगे।
सीबीसी न्यूज द्वारा प्रकाशित की गई खबर। जिसमें दावा किया गया है कि उक्त आरोपियों को जमानत नहीं मिली है।
न्यूज एजेंसी ने भारतीय मीडिया की जमकर की आलोचना
सीबीसी न्यूज द्वारा प्रकाशित की गई खबर में भारत सरकार की पीएम मोदी का नाम लेकर आलोचना दी गई। साथ ही भारतीय मीडिया संस्थानों की भी आलोचना की गई। सीबीसी न्यूज ने लिखा- नरेंद्र मोदी सरकार के आलोचकों ने पत्रकारिता के मानकों और प्रेस की स्वतंत्रता को क्षति पहुंचाई।
सीबीसी ने आगे लिखा- देश ने एक आक्रामक पक्षपातपूर्ण गोदी मीडिया के उदय को देखा है। सीबीसी ने आगे लिखा- निज्जर आरोपी के बारे में झूठे दावों को उठाने वाले कुछ आउटलेट्स गोदी मीडिया प्रोफ़ाइल में फिट बैठते हैं, लेकिन अन्य नहीं।
ऐसे हुई थी हरदीप सिंह की हत्या
कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया के सरी में गुरुनानक सिख गुरुद्वारा के पास निज्जर को दो अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मार दी थी। निज्जर इस गुरुद्वारा के प्रमुख भी थे। वह गुरुद्वारा के बाहर पार्किंग में अपनी कार में थे। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर दो युवक आए और फायरिंग शुरू कर दी।
निज्जर को कार से बाहर निकलने का समय नहीं मिला और उनकी वहीं मौत हो गई। इसके बाद कनाडा पुलिस ने इस मामले में चार पंजाबी युवकों को गिरफ्तार किया, हालांकि कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारतीय एजेंटों पर निज्जर की हत्या का आरोप लगाया। जिसके बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों में खटास आ गई है। हालांकि, अब आरोपियों को जमानत मिलने के बाद सरकार पर सवाल उठने लगे हैं।

खालिस्तान टाइगर फोर्स का था प्रमुख
हरदीप निज्जर खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) का प्रमुख था। NIA ने हाल ही में 40 आतंकियों की लिस्ट जारी की थी, उसमें निज्जर का नाम भी शामिल था। ब्रैंपटन शहर में खालिस्तान के हक में रेफरेंडम करवाने में भी उसकी भूमिका थी। निज्जर भारतीय एजेंसियों की मोस्ट वांटेड आतंकियों की लिस्ट में शामिल था। भारत में हिंसा और क्राइम के कई केसों में उसका नाम सामने आया था। जिसके बाद उसे वांटेड टेररिस्ट की लिस्ट में डाला गया था।
31 जनवरी 2021 को पुजारी पर करवाया था हमला
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 31 जनवरी, 2021 को जालंधर में हिंदू पुजारी कमलदीप शर्मा की हत्या की साजिश के सिलसिले में निज्जर सहित चार लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। मामले में चार्जशीट किए गए तीन अन्य लोग कमलजीत शर्मा और राम सिंह हैं, जिन्होंने निज्जर और उसके सहयोगी अर्शदीप सिंह उर्फ प्रभा के निर्देश पर पुजारी पर हमला किया था।

23 जनवरी 2015 में हुआ था लुकआउट नोटिस जारी
निज्जर के खिलाफ पुलिस ने 23 जनवरी, 2015 को एक लुकआउट नोटिस और 14 मार्च, 2016 को एक रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ था। जिसमें उसके प्रत्यर्पण की मांग की जा रही थी। जुलाई 2020 में केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) द्वारा निज्जर को व्यक्तिगत आतंकवादी के रूप में नामित किया गया था।
NIA ने कहा कि निज्जर भारत में आतंक फैलाने के लिए खालिस्तान समर्थक आतंकवादी मॉड्यूल की भर्ती, प्रशिक्षण, वित्तपोषण और संचालन में सक्रिय रूप से शामिल था। वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भड़काऊ और नफरत भरे भाषण देने में शामिल था।
NIA ने एक अन्य मामले में निज्जर की पंजाब में उसके गांव में संपत्ति कुर्क की थी। जिसके पोस्टर उसके घर के बाहर आज भी लगे है। कनाडा में निज्जर के खिलाफ 10 लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था। निज्जर पर पिछले साल सरे में 1985 के एयर इंडिया आतंकवादी बम विस्फोट मामले में बरी हुए रिपुदमन सिंह मलिक की हत्या का आरोप था।

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